हमीरपुर। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में पंचकर्म पद्धति से मरीजों के जटिल रोगों का इलाज किया जा रहा है। यहां रोजाना एक दर्जन मरीजों का पंचकर्म पद्धति से उपचार होता है। पंचकर्म एक आयुर्वेद की खास चिकित्सा विधि है। इसका एलोपैथी की तुलना में कोई दुष्प्रभाव नहीं है। जबकि, एलोपैथी दवाइयों के सेवन से कई बार दुष्प्रभाव की संभावना रहती है। वहीं, पंचकर्म सस्ती और असरदार इलाज पद्धति मानी जाती है। जिला आयुष अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों के प्राय: गठिया, लकवा, पेट से जुड़े रोग, साइनस, माइग्रेन, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, साइटिका, बीपी, डायबीटीज, लीवर संबंधी विकार, जोड़ों का दर्द, आंख और आंत की बीमारियों, अधरंग, ग्रीभा आदि का इलाज किया जा रहा है।
लोग एलोपैथिक दवाइयों को खाने से गुरेज करते हैं। ऐसे में जिन मरीजों को एलोपैथिक दवाइयां असर नहीं कर रहीं हैं, वे पंचकर्मा पद्धति से अपना इलाज करवा रहे हैं। इस बारे में आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर के एमएस डॉ. दिलीप ठाकुर ने कहा कि पंचकर्मा पद्धति से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इससे जिले के कई लोगों को पुरानी बीमारियों से निजात मिली है।