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Hamirpur (Himachal) News: 143 घरों में दस्तक देगी कमेटी, सुलझेंगे बिजली लाइनों के जंजाल

Thu, 14 Nov 2024 02:25 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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एसडीएम हमीरपुर की अध्यक्षता में बुधवार को विभिन्न विभागों की बैठक आयोजित
बैठक में चार सदस्यीय कमेटी का हुआ गठन, राइट ऑफ-वे के लिए घर-घर पहुंचेंगे कर्मी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर में एचटी लाइनों से सटे मकानों को खतरे से बाहर लाने के लिए एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह की अगुवाई में चार सदस्य कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी शहर के उन 143 घरों में दस्तक देगी, जहां पर भवन के साथ बिजली की एचटी लाइनें सटी हुई है।
इन 143 भवन मालिकों को बिजली बोर्ड की ओर से बीते दिनों नोटिस दिए गए हैं, ताकि एचटी लाइनों के राइट ऑफ-वे निकाला जा सके। नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर दो में 19 अगस्त को घर की छत पर 14 वर्षीय किशोरी के किराये के मकान की छत पर एचटी लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसके बाद इस समस्या के निदान के दावे किए गए थे, लेकिन प्रक्रिया नोटिस के आगे नहीं बढ़ पाई थी। अमर उजाला ने सात नवंबर के संस्करण में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद प्रशासन ने एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह में बिजली बोर्ड और नगर परिषद के अधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में फील्ड में कार्य करने के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। इस कमेटी में बिजली बोर्ड के जेई, लाइनमैन, एमसी के जेई और पुलिस विभाग के एक कर्मी को शामिल किया जाएगा। यह कमेटी इन एचटी लाइनों के खतरे को समाप्त करने के लिए भवन मालिकों से मुलाकात कर राइट ऑफ-वे निकालने का प्रयास करेगी। इसके अलावा एचटी लाइनों से बचाव को लेकर भी जागरूक किया जाएगा। भवनों को किराये पर चढ़ाने से पूर्व सावधानी बरतने सहित अन्य जरूरी हिदायतें दी जाएंगी।
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बिजली बोर्ड को 20 करोड़ का मिला बजट : एसडीएम
एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह ने कहा कि बैठक में कमेटी के गठन का निर्णय लिया गया है। यह कमेटी 143 भवन मालिकों से मिलकर समस्या के समाधान का प्रयास करेगी। इसके अलावा बैठक में शहर में बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड किए जाने की योजना पर चर्चा हुई है। इसके लिए बीस करोड़ रुपये का बजट बिजली बोर्ड को मिला है। इस कार्य के लिए प्रशासनिक मंजूरी मिलना बाकी है।
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क्या है राइट ऑफ-वे
हादसे के बाद हुई जांच में यह सामने आया कि शहर भर में ऐसे कई सरकारी और गैरसरकारी भवन हैं, जो कि बिजली लाइन डाले जाने के बाद निर्मित हुए और इन भवन मालिकों को नोटिस भी जारी किए गए है। कायदे से बिजली बोर्ड नोटिस से आगे कोई कार्रवाई करने के लिए अधिकृत नहीं है। ऐसे में अब गठित कमेटी यह प्रयास करेगी कि इन 143 जगहों को बिजली लाइनों के खतरे को कम किया जा सके। बोर्ड के नियमों के तहत राइट ऑफ-वे का खर्च उपभोक्ताओं से लिया जाता है, लेकिन अधिकतर उपभोक्ता भी इसके लिए तैयार नहीं होते हैं।
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