हिमाचल प्रदेश कॉलेज टीचर एसोसिएशन ने वीरवार को लगातार दूसरे दिन उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार किया। राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के इकाई अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गौतम ने बताया कि कॉलेज प्राध्यापकों की मांगें लंबे समय से लंबित चल रही हैं।
इस बारे में प्रदेश नेतृृत्व कई बार सरकार एवं विभागीय अधिकारियों का ध्यान खींच चुका है लेकिन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। कॉलेज में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 के बाद कॉलेज प्राध्यापकों को डीपीसी का लाभ नहीं दिया गया है।
चौथे पे बैंड का लाभ भी लंबे समय से नहीं मिल रहा है। पीएचडी एवं एमफिल होल्डरों की इंक्रीमेंट रोक दी गई है। पांच साल का कार्यकाल पूरा कर लेने के बावजूद अनुबंध प्राध्यापकों को नियमित नहीं किया जा रहा है।
डॉ. गौतम ने कहा कि मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाएगा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अनुबंध कर्मियों का उत्पीड़न कर रही है।
अनुबंध कर्मियों को हर साल इंक्रीमेंट देती है, लेकिन नियमितीकरण के समय इंक्रीमेंट को रद्द कर देती है। यह व्यवस्था न्याय संगत नहीं है। डॉ. गौतम ने यूजीसी से ग्रांट ले रहे प्राइवेट कॉलेजों की तर्ज पर प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष करने की मांग की जिसका सभी प्राध्यापकों ने स्वागत किया।
बैठक में डॉ. चंदन भारद्वाज, प्रो. विजय कौंडल, प्रो. अमरजीत अत्री, डॉ. अजित अग्निहोत्री, डॉ. जीसी राणा, प्रो. बलजीत जंवाल, प्रो. नीलम गुलेरिया, प्रो. सपना, प्रो. निकिता, प्रो. रवि दत्त, प्रो. भगवती, प्रो. उत्तम शर्मा, प्रो. हेमलता समेत प्रदेश कॉलेज टीचर एसोसिएशन हमीरपुर इकाई के समस्त सदस्य उपस्थित थे।