सुजानपुर (हमीरपुर)। करोट कृषि सहकारी सभा पर एक व्यक्ति ने फर्जी हस्ताक्षर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। फर्जी हस्ताक्षर के मामले को लेकर पीड़ित व्यक्ति जेनदिन ने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
जेनदिन के अनुसार जिस ऋणधारक के ऋण को लेकर यह हस्ताक्षर किए हैं, उसने भी अपने बयान में पीड़ित व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षर न करने का बयान दिया है। जेनदिन ने आरोप लगाए हैं कि सभा ने किसी को लोन देने के लिए उनके जाली हस्ताक्षर कर उनकी गवाही डाल दी है। संबंधित विषय के तमाम दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि उनको इस बात का पता तब चला, जब दिसंबर में होने वाले सभा के आम चुनावों के दौरान उनको नोटिस दिया गया।
उन्होंने बताया कि न तो उन्होंने कभी लोन लिया है न ही किसी व्यक्ति की गारंटी के रूप में उन्होंने कहीं हस्ताक्षर किए हैं। यहां दस्तावेजों में जिस व्यक्ति ने लोन लिया, उसका गारंटी कोई और दिखाया गया है, जबकि उसे गारंटी के साइन को काटकर मेरा नाम लिखा गया है। उन्होंने कहा कि पहले सोसायटी में इसकी जांच की मांग की और फिर उच्च अधिकारी से जांच करने के लिए लिखा है।
शिकायतकर्ता के अनुसार उच्च अधिकारी के सामने कुछ लोगों ने उनके साथ गलत व्यवहार किया। अधिकारी की जांच को भी निष्पक्ष न बताते हुए उन्होंने उच्च अधिकारियों को लिखा है। लोन लेने वाले व्यक्ति ने सभा को लिखकर दिया है कि जेनदीन ने लोन लेने की एवज में गवाही नहीं डाली है।
कोट :
मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हस्ताक्षर फर्जी हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए दस्तावेज फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। इसको लेकर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मेरे ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह सत्य नहीं है।
-मनोज कुमार, जांच अधिकारी निरीक्षक पंचायत