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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को नहीं मिल रही दवा

Tue, 27 Aug 2024 08:41 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को डेसिरॉक्स दवा नहीं मिल पा रही है। पिछले छह माह से दवा न मिलने से बच्चों के अभिभावक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। यह दवाई थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को दी जाती है, ताकि उनकी स्थिति को बेहतर किया जा सके। मगर दवा की आपूर्ति न होने से बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।
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डेसिरॉक्स एक महत्वपूर्ण दवाई है जो एनीमिया से ग्रस्त बच्चों को दी जाती है। थैलेसीमिया एक वंशानुगत रक्त विकार है, जिसमें शरीर में सामान्य से कम हीमोग्लोबिन होता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं को ऑक्सीजन पहुंचाने में सहायक होता है। इस विकार के कारण बच्चों को थकान और कमजोरी का सामना करना पड़ता है। मगर मेडिकल कॉलेज में पिछले छह माह से दवा की आपूर्ति नहीं हो सकी है। इससे अभिभावकों को बाहर से महंगे दाम पर दवा खरीदनी पड़ रही है।
अभिभावकों का कहना है कि अस्पताल में दवा की अनुपलब्धता के कारण उन्हें निजी दवाई दुकानों से डेसिरॉक्स खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे उनके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। मिताली, दिव्या, कल्पना, ज्योति, तृष्णा, आरती जैसे कई अभिभावकों ने इस मुद्दे को उठाते हुए मांग की है कि जल्द से जल्द अस्पताल में इस दवाई की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
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उधर, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्राचार्य, डॉ. रमेश भारती ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही इसे हल किया जाएगा।

1500 रुपये में मिलता है एक पत्ता
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में अभी तक बच्चों को थैलेसीमिया दवाई नहीं मिल पा रही है। यह दवाई पिछले छह माह से खत्म है। दवा की कमी को लेकर प्रशासन को भी अवगत करवाया गया है। मगर अभी तक आपूर्ति नहीं हो सकी है। डेसिरॉक्स दवा की 10 गोलियों का एक पत्ता 1500 रुपये तक का मिलता है।
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