हमीरपुर। चंद भगौड़ों की तरह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू दरियां, ढोलक और चिमटे बांटने वाले नेता नहीं है। गत विधानसभा चुनाव में हमीरपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रहे डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आम परिवार से निकले हैं और अपनी जीवनभर की पूंजी को भी आपदा के दौर में दान कर दिया है। कांग्रेस को धोखा देने वाले भगौड़े मुख्यमंत्री को शिमला का बता रहे हैं। इनकी वजह से देवभूमि हिमाचल और देवभूमि हमीरपुर बदनाम हुई है। उन्होंने कहा कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में दरिया, ढोलकु और चिमटे बांटकर नेता बने व्यक्ति ने जिला से मुख्यमंत्री पद छीन लिया था। अब यह नेता फिर हमीरपुर से सीएम की कुर्सी को छीनने की नाकाम कोशिशें कर रहे हैं।
पुष्पेंद्र ने कहा कि ऐसे नेताओं से जनता अब भलीभांति परिचित है। हमीरपुर के आजाद विधायक आशीष शर्मा लोगों के बीच यह बयान दे रहे हैं कि लोकसभा चुनावों के साथ यदि उपचुनाव होंगे तो अतिरिक्त खर्च नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि आजाद विधायक यह बताएं कि आखिर इस्तीफा किस मजबूरी में दे रहे हैं। अगर इस्तीफा ही देना है कि तो फिर चुनाव क्यों लड़ना चाहते हैं।
सीएम सुक्खू ने सबसे अधिक समय जिला में आजाद विधायक को दिया और सबसे पहले उनके कार्यक्रम में आए। जिले में करोड़ों के विकास कार्य हुए हैं। बस स्टैंड से लेकर शहर की बिजली की तारों को भूमिगत करने का कार्य भी करोड़ों रुपये से होगा। उन्होंने कहा कि विधायक भगवान भोलेनाथ के नाम पर लोगों को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विधायक यह भूल गए है कि भगवान भोलेनाथ सबके साथ हैं।