1977 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शांता कुमार के समय रंगस-कांगू क्षेत्र के किसानों के लिए बनी छलबाड़ी सिंचाई योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। योजना के तहत बने जल भंडारण टैंक क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
गांव छलबाड़ी, शेरबाड़ी, बड़ाछल, बटबाल, बलोर, मंधाणी, बूहणी, लाहड़ और सलोआ समेत एक दर्जन गांवों के लिए कुनाह खड्ड से पानी लिफ्ट कर खेतों में बने जल भंडारण टैंकों में डाला जाता है। भंडारण टैंकों का उचित रखरखाव न होने के कारण सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा।
समस्या के बारे में क्षेत्र के किसान पूर्व भाजपा सरकार में आईपीएच मंत्री रहे रविंद्र सिंह रवि से लेकर वर्तमान सरकार के नुमाइंदों से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उपमंडल नादौन से लेकर जिला मुख्यालय पर बैठे आईपीएच विभाग के अधिकारियों से भी किसान समस्या का रोना रो बैठे हैं।
हालांकि, कुनाह खड्ड से नई सिंचाई योजना के लिए अनुसूचित जाति कंपोनेंट प्लान के तहत एक करोड़ रुपये का बजट मंजूर हो चुका है। इस योजना के तहत नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य बीते साल शुरू हुआ लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो पाया है।
क्षेत्र के किसान दुनी चंद, प्रताप चंद, रोशन लाल, प्रेम लाल, अशोक कुमार, जय चंद और बुद्धि सिंह ने आईपीएच विभाग से पुरानी योजना के जल भंडारण टैंकों की मरम्मत करने और नई योजना के तहत बिछाई जा रही पाइपलाइन का कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग की है।
सिंचाई योजना के तहत नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। क्षेत्र के किसानों को इसका शीघ्र लाभ मिलेगा। पुराने जल भंडारण टैंकों के बारे में फील्ड अधिकारियों से रिपोर्ट मांगकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- नीरज भोगल, एक्सईएन, आईपीएच, हमीरपुर