बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम जिला हमीरपुर कार्यकारिणी के पदाधिकारी व सदस्य बैठक के बाद। स्रोत : संघ
हमीरपुर। बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम जिला हमीरपुर की कार्यकारिणी की बैठक अणु में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने की। बैठक में सदस्यों ने एक प्रस्ताव पास किया जिसमें बिजली बोर्ड इंप्लाइज, इंजीनियर व पेंशनरों की संयुक्त संघर्ष समिति (जेएसी) के दो पदाधिकारियों के खिलाफ जारी चार्जशीट को वापस लेने की मांग की। संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से किए जाने वाले धरना प्रदर्शनों पर लगाई गई रोक को हटाने की मांग की। खरवाड़ा ने बताया कि सात अगस्त को शिमला में धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है। इसके मध्यनजर पुलिस महानिदेशक को लिखा पत्र कर्मचारियों की आवाज को दबाने का षड्यंत्र है। बिजली बोर्ड के इतिहास में तमाम मसलों का समाधान वार्ता के माध्यम से किया जाता रहा है।
बोर्ड प्रबंधन की कार्यशैली और तानाशाहीपूर्ण रवैया प्रदेश सरकार व प्रदेश के मुख्यमंत्री की छवि पर भी विपरीत प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर उनका पक्ष सुनने की मांग की। उन्होंने बताया कि सात अगस्त को शिमला में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में जिला हमीरपुर से 400 पेंशनर में भाग लेंगे। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष देश राज शर्मा, महासचिव विजय शर्मा, उपाध्यक्ष कैलाश चंद शर्मा, राजकुमार चौधरी आदि मौजूद रहे।