बड़सर (हमीरपुर)। सीएसडी कैंटीन बड़सर में कुछ समय से अव्यवस्था का आलम है। लोग कैंटीन में सामान खरीदने के लिए सुबह साढ़े पांच बजे ही लाइन में लग रहे हैं।
जमीन पर पंक्तियों में बैग रखकर लोग कैंटीन खुलने तक आसपास भटकते रहते हैं। इससे कैंटीन में कार्यरत कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएसडी कैंटीन 46 से अधिक पंचायतों के सैनिकों और पूर्व सैनिकों के परिवारों को सेवाएं दी जा रही हैं। हर माह चार से पांच हजार के करीब लाभार्थियों के परिवार कैंटीन से सामान खरीदते हैं।
कोरोना माहमारी के दौरान कैंटीन की ओर से सैनिकों को सामान वितरित करने के लिए पंचायत के हिसाब से तिथि निर्धारित की थी। इसमें प्रत्येक दिन 50 लोगों को ही सामान दिया जा रहा था।
अब सीएसडी कैंटीन में पूरी तरह अव्यवस्था है। एक दिन में 200 लोगों को टोकन दिए जा रहे हैं। टोकन के लिए लोग सुबह साढ़े पांच बजे ही कैंटीन परिसर में खड़े हो जाते हैं। बाद में भारी भीड़ होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय पर सामान न मिलने से लोग जमीन पर पंक्तियों में बैग रखकर आसपास घूमते रहते हैं।
इस संदर्भ में कैंटीन प्रबंधक कर्नल धर्मेंद्र सिंह पटियाल ने कहा कि सुबह नौ बजे टोकन मिलना शुरू हो जाते हैं। पहले 200 टोकन वितरित करते हैं ताकि ज्यादा भीड़ न बढ़े और आराम से लोग सामान खरीदें। एक साथ 20 से 30 लोगों को अंदर जाने दिया जाता है ताकि वे आराम से खरीदारी कर सकें। 200 टोकन खत्म होने के बाद ही बाकी लोगों को टोकन दिए जाते हैं। लोगों की सुविधा को देखते हुए ही सिस्टम बनाया है।