चैत्र मास मेलों को लेकर सजाया गया बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध। संवाद
दियोटसिद्ध(हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में चैत्र मास मेलों का आगाज शुक्रवार को सुबह 11:00 बजे झंडा रस्म के साथ उपायुक्त हमीरपुर अमरजीत सिंह करेंगे। मंदिर में मेले के आयोजन की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। बालयोगी की नगरी दियोटसिद्ध और मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया है। न्यास की ओर से मंदिर परिसर को पांच सेक्टरों में बांटा गया है। जिसमें 185 होमगार्ड जवानों के साथ 150 अस्थायी कर्मचारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया है।
मंदिर परिसर में इस बार अपर बाजार से गुफा तक जाने के लिए अलग रास्ते की व्यवस्था होगी। जहां से श्रद्धालु सुगमता से बाबा के दर्शन कर सकेंगे। इससे अपर बाजार की ओर से बकरा स्थल के पास भीड़ जमा नहीं होगी। मंदिर परिसर के पास आगजनी की घटना से निपटने के लिए नई फायर हाइड्रेंट लाइन बिछा दी गई है, जो बकरा स्थल से लेकर मंदिर परिसर तक जा रही है।
मेले में कानून व्यवस्था के लिए चतुर्थ पुलिस रिजर्व बटालियन तथा 185 होमगार्ड जवान भी तैनात होंगे। इसके साथ अतिरिक्त राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की एक टीम ड्रोन सहित तैनात रहेगी जो श्रद्धालुओं की भीड़ पर दूर से नजर रखेगी। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। इसके लिए मंदिर चिकित्सालय खुला रखा जाएगा। वृद्ध, अपंग श्रद्धालुओं को बस स्टैंड से मंदिर तक आने जाने के लिए चार निशुल्क टैक्सियां भी चलाई जाएंगी। जिसमें श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच सकेंगे। मेले में इस बार रेडक्रॉस का एक काउंटर भी खोला गया है। जहां पर रेडक्रॉस से जुड़ी गतिविधियों से श्रद्धालुओं को अवगत करवाया जाएगा। तैयारियों को अंतिम रूप देने और कानून व्यवस्था को बनाने के लिए न्यास अधिकारी एसडीएम बड़सर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ। जिसमें मंदिर अधिकारी संदीप चंदेल, डीएसपी बड़सर लालमन शर्मा, एसएचओ बड़सर गुरबक्श सहित अन्य मौजूद रहे।
पंडित बनारसी दास के वंशज भी अदा करेंगे झंडा रस्म
बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध के प्रथम पुजारी एवं अखंड धुना सेवक पंडित बनारसी दास के वंशज भी 14 मार्च को झंडा रस्म अदा करेंगे। पंडित बनारसी दास बाबा बालक नाथ के प्रथम पुजारी थे, अखंड धुने की सेवा वही करते थे। उनके वंशज चकमोह गांव के स्थायी निवासी हैं। हर साल की तरह इस साल भी इन निवासियों की ओर से चकमोह गांव से दियोटसिद्ध तक पैदल यात्रा करते हुए मेले आरंभ होने पर झंडा चढ़ाया जाएगा। यात्रा के दौरान 2000 स्थायी निवासी बाबा के जयकारे लगाते हुए झंडा चढ़ाएंगे।