हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर के सभी वार्डों को अतिक्रमण मुक्त करने की योजना 10 दिन में ही खटाई में पड़ गई। नगर परिषद अध्यक्ष मनोज कुमार मिन्हास ने सोमवार को बुलाई बैठक से किनारा करते हुए अतिक्रमण हटाने की मुहिम को लेकर अपनी ही नगर परिषद और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए दिए।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर केवल छोटे दुकानदारों को परेशान किया जाता है, जबकि धन्नासेठों पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता। इसलिए सभी पर बराबर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर भी अतिक्रमण के बारे में काफी-कुछ लिखा।
इसके चलते नगर परिषद की सोमवार को बुलाई बैठक स्थगित करनी पड़ी। अब मंगलवार को फिर से इस मामले में बैठक बुलाई गई है। इससे पूर्व 3 मार्च को आयोजित मासिक बैठक में नगर परिषद ने शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर परिषद उपाध्यक्ष संदीप भारद्वाज, वार्ड सदस्य विनय कुमार, डॉ. सुशील कुमार, राजकुमार, सुदेश आनंद और पार्षद पुष्पा शर्मा समेत छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी का चेयरमैन संदीप भारद्वाज बनाए गए थे। इस कमेटी की पहली बैठक सोमवार सायं तीन बजे रखी गई थी लेकिन जब अपरिहार्य कारणों से बैठक स्थगित करनी पड़ गई। दरअसल नगर परिषद में पंजीकृत 187 रेहड़ियों को ही शहर में कारोबार की अनुमति है लेकिन पिछले दो सालों से यह संख्या दोगुने से भी अधिक पहुंच चुकी है। जिससे न केवल राजस्व के रूप में नगर परिषद को नुकसान हो रहा है। बल्कि शहर में बूढ़े और बच्चों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बीते रोज भी अतिक्रमण हटाने गई नगर परिषद की टीम को उलटे पांव लौटना पड़ा था।
बयान-
गांधी चौक से लेकर भोटा चौक तक अतिक्रमण से लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। अतिक्रमण हटाने को लेकर विशेष मुहिम चलाई जाएगी। किसी भी सूरत में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
-विनय कुमार, पार्षद वार्ड नंबर आठ।
सोमवार दोपहर दो बजे नगर परिषद कार्यालय पहुंचा तो पता चला कि अतिक्रमण हटाने बारे गठित कमेटी की बैठक स्थगित कर दी गई है। समय पर सूचना नहीं दी गई, जिसके चलते थोड़ी नाराजगी जरूर है लेकिन मंगलवार को बैठक में अतिक्रमण से निपटने बारे चर्चा होगी।
-संदीप भारद्वाज, उपाध्यक्ष, नगर परिषद हमीरपुर