भोरंज(हमीरपुर)। 14वें वित्तायोग के तहत सामान्य कार्यों के लिए सीमेंट नहीं मिल रहा है। इसके अलावा मनरेगा के तहत भी मैटीरियल का पैसा व सीमेंट न मिलने के कारण विकास कार्य ठप पड़े हैं। वहीं पंचायतों में खोदे गए रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक खुले में हादसों को न्योता दे रहे हैं। उपमंडल भोरंज की 33 पंचायतों के पास 14वें वित्तायोग का करीब एक करोड़ पेंडिंग पड़ा है। वहीं सरकार के निर्देशानुसार इस राशि को 31 मार्च से पहले खर्च करना अनिवार्य है, नहीं तो राशि वापस हो जाएगी। सीमेंट न मिलने के कारण इस पैसे को मार्च तक खर्च करना पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आफत बन गया है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों में भी रोष है।
वहीं दूसरी तरफ मनरेगा के तहत तीन माह से मैटीरियल का पैसा नहीं आया है और न ही सीमेंट मिल रहा है। इस कारण यह कार्य भी ठप पड़े हैं। पंचायत प्रधान संघ भोरंज के अध्यक्ष मदन कौशल, प्रधान विपिन अग्निहोत्री, नरेश कुमार, दिनेश ठाकुर, राजकुमार, ईश्वरी देवी का कहना है कि मनरेगा का मैटीरियल फंड और 14वें वित्तायोग के कार्यों के लिए सीमेंट नहीं मिल रहा है। इस कारण कार्य ठप पड़े हैं। लोगों के आंगन में बने गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। इस संबंध में बीडीओ भोरंज मनोज कुमार का कहना है कि मनरेगा का फंड नहीं आ रहा है। जबकि 14वें वित्तायोग के तहत डिपो में सीमेंट न मिलने बारे उन्हें जानकारी नहीं है।