हमीरपुर महाविद्यालय में निर्माणाधीन सीबीटी लैब। संवाद
हमीरपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में अब विद्यार्थी कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा (सीबीटी) दे सकेंगे। महाविद्यालय में हाईटेक कंप्यूटर लैब का निर्माण कार्य 60 फीसदी पूरा हो गया है। शेष 40 फीसदी कार्य को पूरा करने के लिए दिसंबर तक का लक्ष्य तय किया गया है।
लैब का कार्य पूरा होने से महाविद्यालय परिसर में कंप्यूटर पर आधारित परीक्षाओं का आयोजन किया जा सकेगा। लैब निर्माण कार्य पर रूसा ग्रांट के तहत 50 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अब अतिरिक्त कार्य और सौंदर्यींकरण के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से पत्राचार किया जाएगा।
प्रोजेक्ट पर 1.41 करोड़ रुपये का बजट होगा खर्च
महाविद्यालय परिसर में नवनिर्मित कैंटीन भवन के ऊपर हाईटेक लैब का निर्माण करवाया जा रहा है। इसमें अभ्यर्थियों को सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। हाईटेक लैब के निर्माण कार्य के लिए महाविद्यालय प्रशासन ने उच्चत्तर शिक्षा निदेशालय को प्रपोजल भेजी थी। इसके बाद विभाग ने महाविद्यालय को बजट जारी किया है। वर्तमान में हमीरपुर जिला के दो-तीन निजी शिक्षण संस्थानों में ही सीबीटी एग्जाम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में अधिकांश विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी कंप्यूटर बेसड परीक्षा (सीबीटी) देने के लिए दूरदराज के सेंटरों में जाना पड़ता है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अब शिक्षा विभाग की ओर से एजुकेशन हब हमीरपुर के महाविद्यालय में हाईटेक कंप्यूटर लैब को स्थापित करने का कार्य करवाया जा रहा है, ताकि युवाओं को नजदीक सीबीटी एग्जाम सेंटर की सुविधा मिल सके।
कोट
लैब का 60 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। कार्य को पूरा करने के लिए दिसंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। कार्य पूर्ण होते ही विद्यार्थियों को महाविद्यालय परिसर में लैब की सुविधा मिलेगी। केंद्रीय मंत्रालय से ग्रांट के नैक की पात्रता कॉलेज को मिल गई है। अब इस आधार पर ग्रांट के मसले को केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा।
-डॉ. प्रमोद पटियाल, प्राचार्य, हमीरपुर महाविद्यालय