हमीरपुर। बरसात के मौसम में बढ़ी नमी और उमस के कारण फंगल इंफेक्शन के मामले बढ़ने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रतिदिन 20 से अधिक मामले फंगल संक्रमण के पहुंच रहे हैं, जबकि जिले के सिविल संस्थानों में भी रोजाना औसतन पांच से दस नए मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं।
बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक होने से त्वचा संबंधी संक्रमण तेजी से फैलता है। लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना, साफ-सफाई की कमी और अधिक पसीना आना फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ा देता है।
सबसे अधिक संक्रमण गर्दन और पैरों की उंगलियों के बीच देखा जा रहा है। मरीजों में खुजली, लाल चकत्ते, जलन और त्वचा पर दाने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार समय पर पहचान और उचित उपचार से फंगल इंफेक्शन ठीक किया जा सकता है।
बरसात के मौसम में व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना और चिकित्सकीय सलाह का पालन करना बचाव का बेहतर उपाय है।
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ये सावधानियां बरतें मरीज
मरीजों को त्वचा को साफ और सूखा रखना चाहिए। सूती और साफ कपड़े पहनने, तौलिया व अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं साझा नहीं करनी चाहिएं। संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
कोट
बरसात में फंगल इंफेक्शन के मामले थोड़े से बढ़ जाते हैं। मरीजों को समय-समय पर चिकित्सक का परामर्श लेना चाहिए।
-डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
बरसात के मौसम में व्यक्तिगत स्वच्छता और चिकित्सकीय सलाह का पालन करना सबसे प्रभावी है। गीले कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
-डॉ. अजय कुमार अत्री, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर