डाइट गौना करौर में स्थापित किया गया सी-लर्निंग कॉर्नर। संवाद
- फोटो : महसी के बसौनामाफी में वन विभाग द्वारा पकड़ा गया बाघ।
हमीरपुर। पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गौना करौर में सी-लर्निंग कॉर्नर की स्थापना की गई। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों और भावी शिक्षकों को सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक सीख के महत्व से जोड़ना है।
कॉर्नर की स्थापना पिरामल फाउंडेशन से गांधी फेलोज, अनुप्रिया, कृष्णा छेत्री और जगन वसावे के साथ डाइट प्रशिक्षु शिक्षकों व प्रवक्ताओं ने की। सी-लर्निंग कॉर्नर में बच्चों और शिक्षकों के भावनात्मक विकास को समझने और सशक्त करने के लिए विभिन्न गतिविधि आधारित संरचनाएं शामिल की गई हैं। इसमें एक भावनाओं का वृक्ष लगाया गया है, जो विभिन्न भावनाओं को पहचानने और व्यक्त करने में मदद करता है।
इसके साथ ही विपरीत परिस्थितियों से उबारने के लिए रेजिलिएंट जोन बनाया गया है, कॉर्नर में सी-लर्निंग फ्रेमवर्क को भी प्रदर्शित किया गया है, जो सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक विकास की समझ प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, एक बॉक्स स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य लोगों में कृतज्ञता की भावना को विकसित करना है।
सी-लर्निंग कॉर्नर डाइट हमीरपुर के शिक्षकों और प्रशिक्षु शिक्षकों को यह प्रेरणा देगा कि शिक्षा केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की मानसिक सेहत, भावनात्मक समझ और समग्र भलाई पर ध्यान देना भी अत्यंत आवश्यक है।