भोरंज उपचुनाव में भाजपा का अभेद्य दुर्ग भेदने के लिए कांग्रेस परिवारवाद का मुद्दा उछाल रही है। जीत के लिए भाजपा और कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। भाजपा इस विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह चुनावों में जीत दर्ज करती आई है।
इसके चलते भाजपा जीत के इस क्रम को उपचुनाव में भी जारी रखना चाहती है। इसके लिए भाजपा ने विधानसभा हल्के के सभी 23 ग्राम केंद्रों पर बैठकों का दौर भी शुरू कर दिया है। इसके अलावा भोरंज में स्थापित 99 बूथों पर भी भाजपा के बूथ पालकों ने पार्टी प्रत्याशी की जीत का जिम्मा संभाल लिया है। भाजपा हर हाल में इस सीट पर जीत को दर्ज करना चाह रही है।
दूसरी ओर कांग्रेस भी भाजपा के इस अभेद्य दुर्ग को भेदने की पुरजोर कोशिश कर रही है। भाजपा ने जहां भोरंज उपचुनाव में हलके को चार सेक्टरों में बांटा है। वहीं कांग्रेस ने भी इस क्षेत्र को 10 सेक्टरों में बांटकर हर सेक्टर की कमान अपने एक-एक मंत्री को सौंप दी है।
कांग्रेस यहां से कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती। इसके चलते हर मंत्री के साथ दो-दो विधायकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। दिलचस्प बात तो यह है कि इस विधानसभा क्षेत्र से पहली बार किसी महिला प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा गया है।
कांग्रेस प्रत्याशी प्रोमिला देवी का सीधा मुकाबला भाजपा के डॉ. अनिल धीमान से है। कांग्रेस ने उपचुनाव में भाजपा को घेरने के लिए परिवारवाद का मुद्दा उठाया है। भोरंज में नौ अप्रैल को मतदान होना है जबकि 13 अप्रैल को मतगणना होगी।
वहीं चुनाव मैदान में एक और महिला बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव मैदान मैं है। हालांकि, मुकाबला सीधे तौर पर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच ही माना जा रहा है।