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बस किराया वृद्धि पर लोगों में रोष, सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग

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हमीरपुर। प्रदेश सरकार की सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में किराया बढ़ाने के निर्णय का जिला के लोगों ने विरोध किया है। लोगों ने सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कोरोना काल में जहां लोगों की नौकरियां छूट गई हैं और धंधे मंदे पड़ गए हैं। वहीं यह बढ़ा हुआ किराया उनकी जेब पर और डाका डालेगा। अगर बसों का किराया बढ़ेगा तो गरीब तबका बसों में सफर नहीं कर पाएगा। लोगों ने सरकार से इस निर्णय को वापस लेकर राहत देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहले ही लॉकडाउन के कारण आमदनी नहीं हुई और अगर अनलॉक में दिहाड़ी मजूदरी चली भी है तो अपने कार्यस्थल तक जाने के लिए अधिक रुपये चुकाने होंगे। इतने में तो दिहाड़ीदार दो वक्त की सब्जी खरीदकर ला सकता है। लोगों ने किराया वृद्धि को वापस लेने की मांग की है या 25 फीसदी की बजाय वृद्धि दस फीसदी करने की मांग की है।
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बस किराया वृद्धि करना गलत निर्णय: कपिल
कपिल बन्याल का कहना है कि न्यूनतम और अन्य किराया बढ़ाना सरकार का गलत निर्णय है। जो लोग बसों में सफर करते हैं, वह गरीब तबके के हैं। ऐसे में उन्हें पहले ही कोरोना के कारण खाने के लाले हैं और अब रोजी रोटी कमाने के लिए जाने पर उन्हें दिहाड़ी या मजदूरी से अधिक रुपये देने पड़ेंगे। यह निर्णय सरकार को वापस लेना चाहिए।
न्यूनतम किराया नहीं बढ़ना चाहिए: अरुण
अरुण कपिल का कहना है कि न्यूनतम किराये में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। अगर निजी ऑपरेटरों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अन्य किराये में बढ़ोतरी करनी ही थी तो वह भी दस से पंद्रह फीसदी ही करनी चाहिए थी। अगर किसी ने एक किलोमीटर ही जाना हो तो उसे अधिक किराया चुकाना पड़ेगा।
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रोजाना बसों में सफर करने वालों को घाटा: सुमित
सुमित का कहना है कि वह निजी कंपनी में नौकरी करते हैं और रोजाना बसों से आवाजाही करते हैं। अगर किराया बढ़ जाएगा तो नौकरी से मिलने वाले वेतन से खुद के लिए बचाना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि 25 फीसदी वृद्धि से उन्हें माह में करीब हजार रुपये की चपत लगेगी। क्योंकि वह लगातार बसों में सफर करते हैं।
दस फीसदी होनी चाहिए थी वृद्धि: मनोज
मनोज कुमार का कहना है कि बस किराये में पांच से दस फीसदी वृद्धि होनी चाहिए थी। जो लोग अधिक यात्रा बसों से करते हैं, उनके लिए मुश्किल हो जाएगी। सरकार को निर्णय पर दोबारा विचार करके किराया वृद्धि को वापस लेना चाहिए।
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