कस्बा में बस अड्डा निर्माण को लेकर नगर परिषद में घमासान मच गया है। कांग्रेस समर्थित चार निर्वाचित और तीन मनोनित पार्षद बस अड्डा का निर्माण डोली में करने के पक्ष में हैं। 9 वार्डों वाली नगर परिषद में भाजपा के पांच और कांग्रेस के महज चार निर्वाचित पार्षद हैं, लेकिन भाजपा समर्थित नप उपाध्यक्ष की डोली गांव में बस स्टैंड बनाने को लेकर कांग्रेस पार्षदों की हां में हां मिलाने पर मामला काफी गरमा गया है। नप उपाध्यक्ष वार्ड नंबर चार के स्थाई निवासी है, ऐसे में उपाध्यक्ष डोली में बस अड्डा निर्माण के समर्थन में है।
बस अड्डा के निर्माण कार्य को लेकर डोली के ग्रामीण और कारोबारी पहले ही आमने-सामने हैं। शहर में कुल नौ वार्ड है। नप चुनावों के दौरान भाजपा और कांग्रेस के चार-चार पार्षदों ने जीत दर्ज की। वार्ड नंबर दो से दीप कुमार, वार्ड नंबर तीन से मनोज कुमार, वार्ड नंबर पांच से अनिता कुमारी, वार्ड नंबर सात से सुमन अटवाल कांग्रेस समर्थित वार्ड पार्षद चुनी गईं। जबकि वार्ड नंबर चार से कमलेश कुमारी, छह से अशोक मेहरा, आठ से ज्योति शर्मा और वार्ड नंबर नौ से रेणू गुप्ता भाजपा समर्थित पार्षद चुनी गईं। वहीं वार्ड नंबर एक से रमन भटनागर आजाद प्रत्याशी के रूप में विजयी रहे।
चुनाव के बाद रमन भटनागर भाजपा में शामिल हो गए। इस दौरान रमन भटनागर को ढाई साल के लिए नप अध्यक्ष और कमलेश कुमारी को उपाध्यक्ष चुना गया। बाद में कांग्रेस ने अपने तीन पार्षद मनोनीत किए। इनमें वार्ड नंबर एक से सुरेंद्र गुप्ता, वार्ड नंबर आठ से आशुतोष शर्मा और वार्ड नंबर नौ से राजकुमार शर्मा मनोनीत किए गए। डोली में बस अड्डा निर्माण को लेकर पूर्व विधायक एवं आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा ने मुहिम छेड़ी है।
ऐसे में भाजपा समर्थित चार पार्षद डोली में बस अड्डा निर्माण के विरोध में हैं, जबकि नप उपाध्यक्ष कमलेश कुमारी सहित कांग्रेस के सात पार्षद डोली में बस अड्डा निर्माण के पक्ष में हैं। इससे बीजेपी का कुनबा यहां ढीला दिख रहा है। हालांकि उपाध्यक्ष वार्ड नंबर चार की स्थाई निवासी है। ऐसे में उपाध्यक्ष डोली में बस अड्डा निर्माण के पक्ष में है, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से उपाध्यक्ष का कांग्रेस पार्षदों को समर्थन होने से नगर परिषद में घमासान मच गया है।