हमीरपुर। सीमेंट सप्लाई जारी करने की एवज में पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के दोनों कर्मचारियों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। शुक्रवार को आरोपियों को पक्का भरो स्थित निगम के गोदाम में रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। विजिलेंस थाना हमीरपुर की टीम इस मामले में छानबीन कर रही है। आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया था। आरोपियों को अब मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
ठेकेदार से शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस हमीरपुर की टीम ने जाल बिछाकर आरोपियों को शुक्रवार शाम को पकड़ा है। ठेकेदार ने सरकारी सीमेंट को रिलीज करने की मांग निगम को दी थी लेकिन कई दफा चक्कर काटने पर भी उसे सीमेंट सप्लाई जारी नहीं की गई। ठेकेदार ने विजिलेंस थाने में इस सिलसिले में शिकायत दी। शिकायत मिलने पर विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। इस दौरान कर्मचारी नीलकमल ने हेल्पर देवेश को पैसे लेने के लिए भेजा। योजना के मुताबिक टीम ने दोनों आरोपियों को रंगे हाथ मौके पर दबोच लिया। दोनों को मंगलवार को अदालत में फिर पेश किया जाएगा, ऐसे में अब दोनों पर विभागीय कार्रवाई भी तय मानी जा रही है। नियमों के मुताबिक 48 घंटे से अधिक गिरफ्तार रहने पर कर्मचारी का निलंबन हो जाता है। आरोपियों को चार दिन की रिमांड पर भेजा गया है। ऐसे में इनका निलंबन भी तय है। इन कर्मियों के रिश्वत के साथ पकड़े जाने के बाद यह जानकारी सामने आई थी कि यह दोनों खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के कर्मचारी है। वहीं, शनिवार को विभाग के जिला नियंत्रक अरविंद शर्मा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि बीते दिन रिश्वत के आरोप में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से हमीरपुर में पकड़े गए कर्मचारी खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह कर्मचारी हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के हैं।
एएसपी विजिलेंस हमीरपुर रेणु शर्मा ने कहा कि दोनों आरोपियों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। मामले में छानबीन की जा रही है। आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।