हमीरपुर। वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र विश्व प्रसिद्ध वेटलैंड साइट पौंग बांध में प्रवासी परिंदे आना शुरू हो गए हैं। इन दिनों साइबेरिया और अफगानिस्तान में ठंड काफी ज्यादा हो जाती है। इस कारण प्रवासी पक्षी सर्दियों के मौसम में पौंग बांध आना शुरू कर दिया है।
वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर ने प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रबंध कर रखे हैं। सितंबर माह से 31 अक्तूबर तक हुई गणना में अभी तक पौंग बांध में 11286 परिंदे पहुंच चुके हैं। इसमें तीन प्रजातियों के परिंदों को अधिक देखा गया है, जिसमें सबसे अधिक रेजिडेंट बर्ड्स (निवासी परिंदें) तोता, मैना, गौरैया या मुर्गे दूसरे नंबर पर माइग्रेटरी (प्रवासी परिंदें) में कॉमनकूट, ब्राउन हैडेड गल्स, पैलेस गल्स व ब्लैक गल्स पक्षियों की प्रजातियां और अन्य सबसे कम स्थायी प्रजातियां देखी गई हैं।
माइग्रेटरी(प्रवासी परिंदें) साइबेरियन व अन्य देशों से ठंड के मौसम में भोजन की तलाश में हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके पौंग बांध पहुंचे परिंदों को पांच माह तक पर्याप्त मात्रा में भोजन मिलता रहता है। यहां की मछली व इसके अलावा दूसरे जीव-जंतु जो इस पानी में पाए जाते हैं, जो कि प्रवासी परिंदों का पसंदीदा भोजन रहता है। 207 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाला पौंग बांध प्रवासी परिंदों को सर्दियों में काफी भाता है। विश्व के विभिन्न देशों से सितंबर माह से विदेशी परिंदे पौंग बांध जलाशय का रुख करना शुरू कर देते हैं और फरवरी माह के अंत तक यहां से जाना शुरू हो जाते हैं।
वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर की ओर से प्रत्येक वर्ष पौंग बांध में परिंदों की गणना करवाई जाती है, ताकि पक्षियों की प्रजातियों का सही रूप से पता लगाया जा सके। गणना के दौरान यह पता किया जाता है कि जो पक्षी यहां पर पहले से आते हैं, वे यहां दोबारा आ रहे हैं या नहीं। विभाग की ओर से इन प्रवासी पक्षियों की टैगिंग की जाती है। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने इसके लिए पैट्रोलिंग करना शुरू कर दी है। परिंदों की सुरक्षा के लिए बांध के चारों ओर सीसीटीवी भी स्थापित किए गए हैं। हर बार की तरह इस बार भी इन पक्षियों की गणना के लिए रिंगिंग की तैयारी की जा चुकी है। रिंगिंग का कार्य फोटोग्राफी के जरिए किया जाता है। विभाग के अधिकारी इस बार प्रवासियों की गणना व उनकी सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरों की मदद लेंगे। जनवरी माह के अंत में विभाग की ओर से परिंदों की गणना की जाएगी, जिसमें प्रजातियों के साथ अन्य परिंदों की भी जानकारी मिलेगी।
पौंग बांध में आ चुकी हैं ये तीन प्रजातियां
रेजिडेंट बर्ड्स (निवासी परिंदें)तोता, मैना, गौरैया या मुर्गे 5276 माइग्रेटरी (प्रवासी परिंदें) कॉमनकूट, ब्राउन हैडेड गल्स, पैलेस गल्स व ब्लैक गल्स 4802
जबकि 1208 स्थायी परिंदें पौंग बांध में देखे गए हैं।
कोट
पौंग बांध जलाश्य में अभी तक कॉमनकूट, ब्राउन हैडेड गल्स, पैलेस गल्स व ब्लैक गल्स प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां आना शुरू हो गई हैं। परिंदों की सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। विभागीय कर्मचारी व अधिकारी लगातार पैट्रोलिंग कर रहे हैं।
रेजिनाल्ड, रायस्टन ए डीएफओ वन्य जीव विभाग, हमीरपुर