जजौली गांव निवासी आईटीबीपी जवान दीपेश परमार के परिजनों को तिरंगा सौंपते आईटीबीपी के अधिकारी (स
नादौन (हमीरपुर)। उपमंडल जलाड़ी पंचायत के जजौली गांव निवासी सैनिक दीपेश परमार का बुधवार को पूरे सैनिक सम्मान के साथ पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। सैकड़ों नम आंखों ने दीपेश को अंतिम विदाई दी। इस दौरान सेना के जवानों ने अंतिम सलामी दी। मंगलवार देर शाम को दीपेश की पार्थिव देह को सेना की एक टुकड़ी ने उनके पैतृक गांव में पहुंचाया था। पार्थिव देह के घर पहुंचते ही हर किसी की आंखें नम हो गईं। गत डेढ़ माह पूर्व ही जवान का विवाह हुआ था। दीपेश परमार पुत्र सुरजीत कुमार 3 वर्ष पूर्व आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। आजकल वह अरुणाचल प्रदेश में तैनात थे। 7 जनवरी को ड्यूटी के दौरान दीपेश एक वाहन की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गए। घायल अवस्था में ही उन्हें सेना के अस्पताल ले जाया गया।
जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जोनल अस्पताल तेजू में ले जाया गया परंतु उपचार के दौरान ही दीपेश की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि 22 नवंबर को ही दीपेश का विवाह हुआ था और अभी 29 दिसंबर को वह छुट्टी काटकर वापस ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए गया था। दीपेश के पिता भी पूर्व सैनिक हैं। दीपेश की पार्थिव देह को उनके छोटे भाई आदर्श परमार ने मुखाग्नि दी। दीपेश के निधन पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री सहित अन्य नेताओं ने गहरा शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने पीड़ित परिवार के घर जा कर दीपेश के परिजनों को ढांढस बंधाया और शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है।