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Hamirpur (Himachal) News: अरबी के डंठल से बड़ियां बनाकर बनीं आत्मनिर्भर

Thu, 11 Dec 2025 01:05 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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अरबी के डंठल से तैयार की गई बड़ियां। संवाद
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बवीता चंदेल
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हमीरपुर। फरनोल पंचायत की साधारण गृहिणी आशा देवी आज पूरे इलाके में मिसाल बन चुकी हैं। अरबी की खेती के दौरान अक्सर खेतों में बेकार समझकर फेंक दिए जाने वाले अरबी के डंठलों को आशा देवी ने अपनी मेहनत से कमाई का साधन बना दिया है। डंठल उनकी पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कुछ वर्ष पहले घर के कामकाज के बीच समय निकालकर अरबी के डंठलों से पारंपरिक तरीके से बड़ियां बनाना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने अपने परिवार और पड़ोसियों के लिए थोड़ी मात्रा में बड़ियां तैयार कीं, पर स्वाद और गुणवत्ता के कारण जल्द ही उनकी मांग बढ़ने लगी। धीरे-धीरे आशा देवी ने अपना छोटा-सा घरेलू व्यवसाय खड़ा कर लिया।आज आशा देवी हर सीजन में अरबी की फसल के साथ-साथ बड़ियों का उत्पादन भी करती हैं।

परिवार की महिलाओं की मदद से वह प्रतिदिन अच्छी मात्रा में बड़ियां तैयार कर रही हैं, जिन्हें आसपास के बाजारों, स्थानीय दुकानदारों और गांव की महिलाएं खूब पसंद करते हैं। गुणवत्ता और शुद्धता के कारण बड़ियों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पहले पहले केवल घीया व पेठा दोनों की बड़ियां बनाती थी
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ऐसे में अरबी के डंठल खेत में ही सड़ जाते थे, पर मैंने सोचा कि क्यों न इसे काम में लिया जाए।धीरे-धीरे लोग बड़ियां पसंद करने लगे और आज इसके दम पर मैं हर माह 10 से 15 हजार रुपये की कमाई कर रही हूं। आशा देवी वार्ड सदस्य के साथ आरती स्वयं सहायता समूह की प्रधान भी है। समूह में वह महिलाओं को बड़ियां बनाने का प्रशिक्षण देती हैं। वहीं मुख्यालय के साथ मेलों में प्रदर्शनी लगाकर अपने उत्पाद बेच रही हैं। आशा देवी ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार सदस्यों को दिया है।

अरबी के डंठल से तैयार की गई बड़ियां। संवाद

अरबी के डंठल से तैयार की गई बड़ियां। संवाद

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