बिझड़ी(हमीरपुर)। खंड विकास अधिकारी बिझड़ी ने मंगलवार को विकास खंड की 52 पंचायतों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस में पंचायत स्तर पर हो रहे पशु सर्वेक्षण सर्वे की धीमी गति को लेकर जारी किए गए हैं।
खंड विकास अधिकारी बिझड़ी ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि प्रत्येक दिन ई-परिवार पोर्टल पर पशु सर्वेक्षण के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश बार-बार दिए जाने के बावजूद इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर नहीं किया जा रहा है। जिले के अन्य पांच विकास खंडों की अपेक्षा विकास खंड बिझड़ी की रिपोर्ट बहुत धीमी पाई गई है, जिस पर उपायुक्त हमीरपुर अमरजीत सिंह ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है।
उन्होंने नोटिस के माध्यम से प्रतिनिधियों से तीन दिन के अंदर पशु सर्वेक्षण में हो रही देरी का कारण प्रस्तुत करने को कहा है। कारण के बाद सर्वे को लेकर विशेष प्लान तैयार किया जाएगा। जिलेभर में पशुपालन विभाग की ओर से पशुओं के सर्वे की अंतिम तिथि 20 जुलाई निर्धारित की गई है, लेकिन विकास खंड बिझड़ी के पंचायत सचिवों की रिपोर्ट कम है। ऐसे में अब पंचायत प्रतिनिधियों को नोटिस के जवाब के साथ कार्य को स्पष्टता के साथ प्रस्तुत करना होगा।
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विकास खंड की 52 पंचायतों में पशु सर्वेक्षण की रिपोर्ट काफी धीमी गति से चल रही है। पशु सर्वेक्षण सर्वे को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों से जवाब मांगा गया है। तीन दिन के भीतर प्रतिनिधियों को नोटिस का जवाब देना होगा।
-राजेश कुमार, बीडीओ विकास खंड, बिझड़ी
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पंचायतों को कारण बताओ नोटिस जारी होना तर्कसंगत नहीं
बिझड़ी(हमीरपुर)। विकास खंड बिझड़ी में 52 पंचायतों को कारण बताओ नोटिस का पंचायत प्रधानों ने विरोध जताया है। प्रधान एसोसिएशन बिझड़ी के अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से पंचायतों में 15वें वित्त आयोग के विकासात्मक कार्य, बीपीएल सर्वेक्षण प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके चलते पशु सर्वेक्षण सर्वे में विलंब हुआ है। हालांकि पशु सर्वेक्षण की तिथि 20 जुलाई तक है, लेकिन खंड विकास अधिकारी कार्यालय से कारण बताओ नोटिस जारी होना तर्कसंगत नहीं है। यह सर्वेक्षण विभाग को पशु पालन विभाग से करवाना चाहिए था। पंचायत सचिव पहले ही अनेक कार्यों तले दबे हुए हैं। ऐसे में सर्वेक्षण कार्य में देरी होना स्वाभाविक है। संवाद