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Hamirpur (Himachal) News: बैंक अधिकारियों ने डिजिटल अरेस्ट भांपा, सेवानिवृत्त सूबेदार को 70 लाख की ठगी से बचाया

Thu, 03 Sep 2026 12:46 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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नादौन (हमीरपुर)। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगों ने 78 वर्षीय सेवानिवृत्त सूबेदार से 70 लाख रुपये ठगने की कोशिश की, लेकिन पंजाब नेशनल बैंक की भूंपल शाखा के अधिकारियों की सतर्कता से ग्राहक ठगी का शिकार होने से बच गया।
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ठग पुलिस अधिकारी की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल कर व्हाट्सऐप कॉल के जरिए ग्राहक को धमका रहे थे। रकम हस्तांतरित न करने पर गिरफ्तारी की धमकी दी जा रही थी।
शाखा प्रबंधक अंकिता संदल, उपप्रबंधक मीनाक्षी शर्मा और संजय सूद ने बताया कि 25 अगस्त को ग्राहक ने अपने दूसरे बैंक खाते से पीएनबी खाते में बड़ी राशि स्थानांतरित करने की जानकारी ली थी। 29 अगस्त को उसने 55 लाख रुपये शाखा के खाते में जमा करवाए और खाते में पहले से जमा राशि सहित पूरी रकम आईसीआईसीआई बैंक के खाते में भेजने का आग्रह किया।
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इतनी बड़ी राशि के हस्तांतरण पर बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ और उन्होंने ग्राहक के बेटे से संपर्क किया। 31 अगस्त को ग्राहक के दोबारा शाखा पहुंचने पर अधिकारियों ने लेनदेन का कारण पूछा।
इस पर ग्राहक ने बताया कि उसे 19 अगस्त से पुलिस अधिकारी के नाम और तस्वीर के साथ व्हाट्सएप कॉल आ रही थीं। कॉल करने वाले खुद को पुलिस अधिकारी बताकर धमका रहे थे और रकम हस्तांतरित न करने पर गिरफ्तारी की धमकी दे रहे थे।
बैंक अधिकारियों ने ग्राहक को समझाया कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर उन्हें साइबर ठगी के जाल में फंसाया जा रहा है। सच्चाई सामने आने के बाद ग्राहक ने रकम दूसरे खाते में भेजने के बजाय उसकी एफडी करवा दी। इससे करीब 70 लाख रुपये सुरक्षित बच गए।
वहीं, बैंक अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि पुलिस या किसी अधिकारी के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल से न घबराएं और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत बैंक व पुलिस को दें। उधर, एसपी हमीरपुर बलवीर ठाकुर ने कहा कि पुलिस डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। ऐसे मामलों में सतर्कता बरतें।
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