हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक कर्मचारी और अधिकारी संघ के अध्यक्ष श्याम सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि बैंक प्रबंधन कर्मचारियों का बड़े पैमाने पर उत्पीड़न कर रहा है। इससे संघ सदस्यों में भारी रोष है। संघ ने बैंक प्रबंधन को बैंक नियमों की अवहेलना बंद करने की मांग उठाई है।
साथ ही संगठन के सभी पदाधिकारियों को जारी किए आरोप पत्र और दंडात्मक कार्रवाई को तुरंत खत्म करने की मांग उठाई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सफाई कर्मचारियों के रिक्त 250 पदों को जल्द भरा जाए। परिवीक्षाधीन अधिकारियों को प्रबंधक या प्रभारी नियुक्त करना बंद किया जाए। बैंक में 500 से अधिक रिक्त पड़े विभिन्न कर्मचारियों, अधिकारियों के पदों को जल्द भरा जाए।
अधिकारियों को आवास, पेंशन सुविधा, मेडिकल सुविधा और नकद भत्ता हरियाणा की तर्ज पर दिया जाए। बैंक में संघ के लिए अलग से कार्यालय स्थापित किया जाए। नोटबंदी के दौरान किए अतिरिक्त कार्य के लिए कर्मचारियों को ओवरटाइम भत्ता दिया जाए।
नॉन परफॉर्मिंग असेट्स की सरकार किसी बाहरी ऐजेंसी से जांच करवाए। 29 और 30 सितंबर 2016 के 200 करोड़ के लेनदेन की उच्च स्तरीय जांच आदि मांगें शामिल हैं। इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री मंगत राम नेगी ने कहा कि मजदूर संघ की सभी 132 यूनियनें इन मांगों को पूरा करवाने के लिए ग्रामीण बैंक संघ के साथ हैं।
उन्होंने कहा कि इन मांगों पूरा करवाने के लिए छह मार्च 2017 को बैंक निदेशकों और प्रदेश के सभी सांसदों को ज्ञापन दिए जाएंगे। ज्ञापन में बैंक अध्यक्ष को हटाने की मांग भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ग्रामीण बैंक संघ की मांगों को पूरा नहीं करती है तो 20 मार्च को प्रदेश के सांसदों शांता कुमार, वीरेंद्र कश्यप, अनुराग ठाकुर, राम स्वरूप और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के गृह आवास के बाहर कर्मचारी आमरण अनशन शुरू करेंगे। 31 मार्च को संघ हड़ताल करेगा। उसके बाद भी अगर मांगें पूरी न हुईं तो हड़ताल के दिन बढ़ सकते हैं।
इस दौरान ऑल इंडिया ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव डीसी शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।