हमीरपुर। प्रतापनगर में चिट्टा बरामदगी के मामले में तस्करी के मुख्य आरोपी बलजिंद्र और जितेंद्र के साथ उनके पिता कुलबीर की संलिप्पता भी पाई गई है। वह फिलहाल गंभीर रूप से बीमार हैं, ऐसे में अभी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
बलजिंद्र ने चिट्टा के लेनदेन में पिता के खातों का इस्तेमाल करने का खुलासा किया है। प्रारंभिक जांच में चिट्टा तस्करी के लेनदेन के करीब तीन लाख रुपये बलजिंद्र के पिता के बैंक खातों में पाए गए हैं। ऐसे में हमीरपुर पुलिस ने एक ही परिवार के तीनों सदस्यों को जांच के दायरे में लिया है।
कुलबीर के दोनों बेटों जितेन्द्र कुमार और बलजिंद्र निवासी गांव मौखनखांवला नजदीक एसडीएस कॉलेज तहसील एवं जिला फिरोजपुर (पंजाब) पर चिट्टे से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। इनकी लग्जरी गाड़ियां भी पुलिस ने कब्जे में ली हैं, जिनके जरिये ये चिट्टा तस्करी को अंजाम दे रहे थे।
26 अप्रैल को सदर थाना हमीरपुर में प्रतापनगर निवासी अभिनव पर 25 ग्राम चिट्टा बरामद किए जाने का केस दर्ज हुआ था। इसके बाद तस्करी के तार पंजाब तक पहुंचे। बलजिंद्र और गुरप्रीत को पुलिस ने गिरफ्तार किया। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बाद पुलिस बलजिंद्र के भाई जितेंद्र की तलाश में थी, लेकिन उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी।
हालांकि कोर्ट ने उसकी याचिका को खारिज कर दो सप्ताह के भीतर पुलिस जांच में शामिल होने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले में मुख्य आरोपी बलजिंद्र के पिता के बैंक खातों के प्रयोग का खुलासा हुआ है।
कोट
मामले में हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी जितेंद्र के बारे में यदि किसी के पास जानकारी है, तो तुरंत पुलिस को साझा करें। नशे के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस के साथ कार्य कर रही है।
-भगत सिंह ठाकुर, एसपी, हमीरपुर