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Hamirpur (Himachal) News: बच्ची का वजन महज 1600 ग्राम, इन्फेक्शन से जूझ रही नवजात

Wed, 25 Mar 2026 01:41 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में नवजात बच्ची को छोड़ने के मामले में नया खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया है कि प्रसव के बाद माता-पिता सिविल अस्पताल भोरंज में पहुंचे थे।
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बच्ची का भार करीब 1600 ग्राम है और उसे इन्फेशन है, जिस वजह से बच्ची को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के लिए रेफर किया गया। यहां पर बच्चों के वार्ड में कुछ घंटे बच्ची के साथ बिताने के बाद माता-पिता भाग गए थे। मामले में अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह भी सामने आया है कि नेपाली मूल की यह महिला पंजोत क्षेत्र में किराये के घर में रहती है।
इस मामले में सदर पुलिस की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण किया। टीम ने यहां पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और बच्ची के संदर्भ में संपूर्ण जानकारी प्राप्त की। बच्ची को इंफेक्शन होने के कारण उसके पास किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। स्वास्थ्य की दृष्टि से उसे सिक न्यू वोर्न केयर यूनिट में रखा है।
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वहीं, महिला बाल विकास विभाग की ओर से टीम ने घटना की विस्तृत जानकारी ली है। विभाग ने यहां पर चार महिलाओं की ड्यूटी भी लगाई। बीते दिन एक दंपती अपनी नवजात बच्ची को मेडिकल कॉलेज में छोड़कर चला गया। हालांकि मेडिकल कॉलेज में अवेंडड बेबी क्रेडल की व्यवस्था है। यहां पर दंपती औपचारिक्ताएं पूर्ण कर कानूनी रूप से अपना बच्चा छोड़ सकते हैं, लेकिन नेपाली मूल की महिला ने बिना औपचारिक्ताएं पूर्ण किए बच्ची को यहां पर छोड़ दिया।



बॉक्स



बच्ची को गोद लेने के लिए कॉलेज प्रबंधन से संपर्क

मेडिकल कॉलेज में बच्ची को छोड़ने का मामला आने के बाद बच्ची को गोद लेने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया जा रहा है। कई लोग अस्पताल प्रबंधन के उच्च अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। हालांकि बच्ची का स्वास्थ्य ठीक होने के बाद गोद लेने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।



कोट

अगर कोई माता-पिता बच्चे को अपने पास नहीं रखना चाहते हैं, तो वे अवेंडड बेबी क्रेडल में उसे छोड़ सकते हैं। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नियमों के तहत इसकी व्यवस्था है। बच्ची का भार 1600 ग्राम है। पुलिस टीम ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी को जांचा है। -डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर



महिला बाल विकास विभाग की ओर से चार सदस्यों की टीम की ड्यूटी लगाई है। अभी लड़की को इंफेक्शन है। जल्द ही आगामी प्रक्रिया के लिए निदेशक महिला बाल विकास विभाग को पत्र लिखा जाएगा। -कुलदीप चौहान, जिला बाल सरंक्षण अधिकारी
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मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। मामले में रिकाॅर्ड खंगाला गया है। नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार, एएसपी हमीरपुर
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