चैत्र मेलों पर श्रद्धालुओं के दर्शनों पर रोक के चलते बंद किया गया बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध का गेट
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हमीरपुर। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध के परिसर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अनिश्चितकाल तक प्रतिबंध लगा दिया है। कोरोना वायरस से बचाव को लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) की ओर से जारी आदेशों की अनुपालना करते हुए मंदिर ट्रस्ट आयुक्त एवं जिलाधीश हमीरपुर हरिकेश मीणा ने बाबा बालक नाथ मंदिर में चैत्र मेलों को स्थगित करते हुए यह कदम उठाया है। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध परिसर को मंगलवार दोपहर 12 बजे तक खाली करने के आदेश थे, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए दोपहर लाउड स्पीकर से घोषणा कर मंदिर परिसर को दोपहर दो बजे तक खाली करने के आदेश दिए गए।
इस बारे में पुलिस प्रशासन और मंदिर अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि, मंदिर स्थित बाबा बालक नाथ की गुफा में सुबह और सायंकाल की पूजा-अर्चना पूर्व की भांति निर्बाध जारी रहेगी। लेकिन, इसमें केवल अधिकृत पुजारी ही पूजा संपन्न करेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वेब कास्टिंग तथा सोशल मीडिया (यू-ट्यूब) के माध्यम से पूजा-अर्चना का सीधा प्रसारण करने की व्यवस्था की जा रही है। बाबा बालकनाथ मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर भी बाबा बालक नाथ के दर्शन व पूजा का सीधा प्रसारण किया जाएगा। ऊना, बंगाणा, बड़सर और शाहतलाई के रास्ते सिद्धपीठ आ रहे श्रद्धालुओं को रास्ते से ही वापस किया जा रहा है। उपायुक्त ने बाहरी राज्यों और अन्य स्थानों से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से इसमें सहयोग का आग्रह किया है। जिले में विभिन्न सामाजिक समारोहों जैसे सत्संग, जगराता, जागरण, कीर्तन, लंगर, भोज, भंडारा, अन्य पार्टियों एवं सामुदायिक भोज (धाम) इत्यादि के आयोजन पर भी आगामी आदेशों तक प्रतिबंध रहेगा। अपरिहार्य परिस्थितियों में जिला दंडाधिकारी की विशेष अनुमति के उपरांत ही ऐसे आयोजन किए जा सकेंगे। उपायुक्त ने जिला के सभी लोगों से यह भी आग्रह किया है कि बहुत आवश्यक न होने की स्थिति में अपने घरों से बाहर भीड़-भाड़ वाले स्थलों की यात्रा न करें, ताकि कोविड-19 के प्रभाव में आने अथवा इसके संक्रमण से बचा जा सके। अगर विशेष परिस्थितियों में कार्य के लिए घरों से बाहर निकलना आवश्यक हो तो कोविड-19 से बचाव संबंधी सावधानियों का अवश्य ध्यान रखें। 14 मार्च से 13 अप्रैल तक चलने वाले चैत्र मेलों के दौरान देश ही नहीं विदेशों से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग, सेल्फ डिक्लेयरेशन के अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से हेल्थ डेस्क लगाए गए थे लेकिन, देश में वायरस के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए मंदिर के कपाट अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं।