बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में दर्शनों के लिए पहुंचे श्रद्धालु। स्रोत जागरूक पाठक
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध को नववर्ष के आगमन पर दुल्हन की तरह सजाया जाएगा। नववर्ष की पावन बेला पर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर 24 घंटे खुला रखा जाएगा।
रविवार को मंदिर में 20 हजार श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचे और मंदिर में श्रमदान करवाने के लिए न्यास कर्मियों के पास अपना पंजीकरण करवाया। नववर्ष के चलते 31 दिसंबर से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो जाता है। देश-विदेश से नए साल की पूर्व संध्या पर मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में बाबा बालक नाथ के दर्शनों के लिए आते हैं।
ऐसे में मंदिर न्यास ने तीन दिन पहले से ही तैयारियां शुरू करवा दी हैं। मंदिर में पंजाब से सबसे अधिक श्रद्धालु बाबा दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। दियोटसिद्ध और शाहतलाई के होटलों की भी एडवांस में बुकिंग शुरू हो चुकी है। न्यास प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने प्रबंध और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां कर ली हैं।
मंदिर परिसर क्षेत्र में 30 पुलिस कर्मी तैनात किए हैं, जो कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रहेंगे। मंदिर के महंत निवास में नाम दान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें महंत श्रीश्री 1008 राजेंद्र गिरी जी महाराज भक्तों को दो दिन नाम दान भी प्रदान करेंगे। नाम दान कार्यक्रम सुबह आठ से शाम छह बजे तक आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम आयोजन के लिए महंत निवास में भी तैयारी शुरू हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर न्यास ने मंदिर को 24 घंटे खुला रखने का निर्णय लिया है, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शनों के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कोट
मंदिर में नववर्ष पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए न्यास की ओर से पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं।
-संदीप चंदेल, मंदिर अधिकारी, बाबा बालक नाथ, दियोटसिद्ध