दूसरे दिन भी सूना पड़ा दियोटसिद्ध मंदिर परिसर।
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बिझड़ी (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में दूसरे दिन भी श्रद्धालु कम ही पहुंचे। महज 147 श्रद्धालुओं ने ही मंदिर में माथा टेका। पहले दिन मंदिर में 191 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया था। शुक्रवार को एसडीएम बड़सर ने भी मंदिर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। हालांकि, कोरोना से पूर्व नवविवाहित जोड़े, धार्मिक अनुष्ठान करने वाले परिवार व अन्य लोग बाबा के दरबार हजारों की संख्या में रोजाना पहुंचते थे। कोरोना ने भक्तों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। वहीं, लोग बाबा के दरबार में दिल खोलकर चढ़ावा भी चढ़ाते थे लेकिन, श्रद्धालुओं की संख्या से इस बार लग रहा है कि चढ़ावे में भारी कमी आएगी। जिससे मंदिर के विकास कार्य भी प्रभावित होंगे। हालांकि ऑनलाइन चढ़ावे से कुछ उम्मीद बंधी है।
चैत्र माह के मेलों के दौरान मंदिर में एक माह में पांच से छह करोड़ रुपये का नकद चढ़ावा होता था। कोरोना के चलते छह माह मंदिर बंद रहा और अब श्रद्धालुओं की संख्या न होने के कारण इस बार चढ़ावे में भारी गिरावट आएगी। वीरवार से प्रदेश में मंदिरों के कपाट खुल गए हैं, लेकिन दियोटसिद्ध मंदिर में पुजारियों, सुरक्षाकर्मियों या प्रशासनिक स्टाफ के अलावा श्रद्धालु इक्का-दुक्का ही नजर आ रहे हैं। पूर्व में मंदिर में दस से 25 हजार तक श्रद्धालु एक दिन में माथा टेकते थे। उधर, जिला मुख्यालय हमीरपुर के बस अड्डा से दियोटसिद्ध मंदिर के लिए वर्तमान में चार बसें चल रही हैं लेकिन, इनमें भी सवारियां नाममात्र ही हैं। मंदिर अधिकारी कृष्ण कुमार ने कहा कि श्रद्धालु कम आ रहे हैं। मंदिर में कोविड-19 के लिए सरकार के दिशा-निर्देशों का पूरा पालन किया जा रहा है। एसडीएम प्रदीप कुमार ने कहा कि सफाई व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर मंदिर का दौरा किया गया। श्रद्धालु कम आ रहे हैं लेकिन, प्रशासन की तरफ से तैयारी पूरी है।