सर्पदंश के मामले आ रहे सामने, मेडिकल कॉलेज में चल रहा उपचार
जुलाई, अगस्त में ही सबसे ज्यादा सर्पदंश के केस आते है सामने
अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में चल रहा सर्पदंश के मरीजों का इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बरसात के मौसम में अस्पतालों में सर्पदंश के मामले पहुंचने लगे हैं। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल अस्पताल हमीरपुर में 15 दिन में चार से पांच सर्पदंश के मामले सामने आए हैं। जुलाई और अगस्त में ही ज्यादातर सर्पदंश के केस सामने आते हैं। खेतों में काम करने जाने वाले लोगों को ज्यादा सर्पदंश का सामना करना पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि अधिकतर समय किसान महिलाएं और पुरुष चप्पल में ही खेत चले जाते हैं। जबकि बरसात के इस सीजन में खेतों में बड़ी घास उगी हुई है। ऐसे में खेतों में सर्पदंश के अधिकतर मामले सामने आते हैं। कई बार रात के अंधेरे में भी नंगे पांव चलने के कारण सर्पदंश के मामले सामने आ रहे हैं।
वर्तमान में अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में मरीज दाखिल हैं जिन्हें सर्पदंश के कारण दाखिल किया गया है। जबकि, कुछेक का इलाज कर उन्हें घर भेज दिया गया है। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि नंगे पांव चलने से परहेज करें तथा किसान और बागवान खेतों में जाने के लिए उचित प्रबंधन करें क्योंकि घास में सांप के छिपे होने का पता नहीं चलता है तथा सांप डस लेता है। इसलिए पूरी सावधानी के साथ ही कार्य करें।