आम की तरह बारहमासी सेब भी दो बार देने लगे किसानों को फसल
बागवान ने नेरी महाविद्यालय की नर्सरी से पौधे खरीदकर लगाया है बगीचा
क्षेत्र की जलवायु और तापमान पर निर्भर करती है फ्लावरिंग : शशि
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत रंगस में सेब के पौधों पर फल पकने के साथ-साथ दोबारा नए फूल खिलने से किसानों के चेहरे पर रौनक है। किसान शिवेश राणा ने कहा कि हाल ही में मई-जून में सेब के पौधे पर लगे फल पके हैं और दोबारा पौधे पर फूल का निकलना अपने आप में एक नई बात है। बारहमासी आम की तरह अब सेब भी वर्ष में दो बार फसल देने लगे हैं। सब के पौधे पर खिले फूल यदि फल के रूप में विकसित होते हैं तो ऐसे सेबों की व्यावसायिक खेती करके किसान अच्छा आर्थिक लाभ कमा सकते हैं। इन सेब के पौधों को उन्होंने नेरी महाविद्यालय की नर्सरी से खरीदा है। महाविद्यालय से लाने के बाद उन्होंने इस अपने बगीचे में लगाया है। इस बारे में नेरी महाविद्यालय के फल विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विभाग अध्यक्ष डॉ. शशि शर्मा ने कहा कि लो चिलिंग यानी कम ऊंचाई वाले और कम ठंडे क्षेत्रों में लगे सेब के बगीचों में कई बार ऐसा हो जाता है। लेकिन, ऐसी स्थिति में दोबारा से फूल आने पर उत्पादन इतना ज्यादा नहीं हो पाता। यह सब क्षेत्र की जलवायु और तापमान पर निर्भर करता है।