अध्यापक बिना पदोन्नति के हो रहे सेवानिवृत, नए फरमानों पर चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
जाहू (हमीरपुर)। हिमाचल प्रदेश प्रशिक्षित कला स्नातक संघ ने मुख्याध्यापकों की पदोन्नति में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल ने जाहू में पत्रकार वार्ता में बताया कि शिक्षा विभाग में कार्यरत लगभग 25,000 से अधिक प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। इस कैडर से मुख्याध्यापक के पद पर पदोन्नति पिछले कई वर्षों से नहीं की गई है। इससे अनेक अध्यापक बिना पदोन्नति से ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सूची तैयार है। उन्होंने शिक्षा विभाग की ओर से दिए जा रही नए-नए फरमानों पर चिंता प्रकट की। अध्यापकों को स्कूलों में 9:00 बजे से पहले पहुंचना, स्कूलों में मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध और अन्य आदेश अध्यापक वर्ग के मनोबल को कमजोर कर रहे हैं। विभाग दिन में कई डाकों की सूचनाएं मोबाइल फोन के माध्यम से मांगता है।
मोबाइल फोन से ही अध्यापकों और बच्चों की हाजिरी लग रही है। ऐसे में इन्हें भी बंद किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मांग की है कि शिक्षक संगठनों की संयुक्त बैठक बुलाकर सुझाव लिए जाएं। मुख्याध्यापकों की पदोन्नति सूची पंचायतीराज चुनावों की अधिसूचना से पहले निकाली जाए। इस अवसर पर पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष मदन ठाकुर, कोषाध्यक्ष संजय ठाकुर, देशराज व पवन रांगड़ा भी उपस्थित रहें।