हमीरपुर। हौसलों की ऊंचाई जब हिमालय से भी बड़ी हो तो बर्फीले दर्रे भी कदम नहीं रोक पाते। देहदान का संकल्प लेकर समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने निकले हमीरपुर के भोरंज निवासी ट्रैकर अनिल कुमार ने 17 दिन में मनाली से लेह तक 430 किलोमीटर की दुर्गम पदयात्रा पूरी कर मिसाल कायम की है।
इस दौरान उन्होंने बर्फ से ढके बारालाचा ला, नकीला, लाचुलुंग ला और तांगलांग ला जैसे चार ऊंचे दर्रों को पार किया।
कठिन मौसम, ऑक्सीजन की कमी और दुर्गम रास्तों के बावजूद उनके कदम नहीं डगमगाए। इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि यात्रा से प्रभावित होकर दो लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया, जबकि चार अन्य लोगों ने अंगदान और देहदान की प्रक्रिया शुरू करने की इच्छा जताई।
अनिल कुमार ने बताया कि रास्ते में लोगों ने अभियान को सराहा और सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि यह सफर कठिन जरूर था, लेकिन हर चढ़ाई उन्हें अपने उद्देश्य के और करीब ले जाती रही।
उन्होंने अपील की कि लोग अंगदान और देहदान को लेकर फैली भ्रांतियों से बाहर निकलें और मानवता की इस सेवा में आगे आएं, क्योंकि एक व्यक्ति का अंगदान कई लोगों को नया जीवन दे सकता है।