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मजदूरों के लिए बनाए जा रहे चारों लेबर कोड किए जाएं निरस्त : सीटू

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हमीरपुर। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान बुधवार को हमीरपुर में सीटू से जुड़ी सभी यूनियनों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। सुबह से ही हाइडल प्रोजेक्ट धौलासिद्ध में मजदूर एकत्रित हुए और गेट मीटिंग कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद विभिन्न यूनियनों से जुड़े मजदूर जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए और तहसील कार्यालय से लेकर गांधी चौक तक बाजार से रैली निकाली व गांधी चौक पर आम सभा की। सभा को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर कश्मीर सिंह ठाकुर, जिला सचिव जोगिंद्र कुमार, रंजन शर्मा, संतोष कुमार ने संबोधित किया।
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सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि यह हड़ताल पूरे देशभर में किसान और मजदूर मोदी सरकार की गलत नीतियों से तंग आकर कर रहे हैं। उन्होंने कहा जब से मोदी सरकार आई है, देश के चार-पांच कार्पोरेट घरानों पर ही देश की बेशकीमती संपत्तियों, राष्ट्रीय उच्च मार्गों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, बैंक, बीमा क्षेत्र आदि सब कुछ लुटाया जा रहा है जो जनता के खून पसीने से बनाया गया है। प्रदर्शन में मांग की गई कि मजदूरों के लिए बनाए जा रहे चारों लेबर कोड निरस्त किए जाएं। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानून बनाया जाए, सभी को नियमित रोजगार दिया जाए, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग को बंद किया जाए। अग्निवीर योजना को बंद किया जाए। सेवा में नियमित भर्ती की जाए। भूमि अधिग्रहण बिल 2013 को ही लागू किया जाए। नए बिजली बिल व मोटर व्हीकल बिल को निरस्त किया जाए। मनरेगा में बजट बढ़ाया जाए।


मनरेगा में 200 दिन का काम और 700 रुपये न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए। मजदूरों को मासिक न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये सुनिश्चित किया जाए। सभी मनरेगा मजदूरों को श्रमिक कल्याण बोर्ड का सदस्य बनाया जाए। श्रमिक कल्याण वोर्डों से मिलने वाले लाभ मजदूरों को एक माह के अंदर जारी किए जाएं। मजदूरों का नवीनीकरण व पंजीकरण किया जाए। सभी मजदूरों और किसानों के लिए 60 वर्ष की उम्र पूरा करने पर 10,000 रुपये मासिक पेंशन सुनिश्चित की जाए। सभी योजना कर्मियों, आंगनबाड़ी वर्कर्स और मिड-डे मील वर्कर्स को पक्का किया जाए। प्रदेश में सारी कृषि योग्य भूमि को लावारिस पशुओं को जंगली जानवरों से बचाने के लिए सुरक्षा के बंदोबस्त किए जाएं। किसानों को सस्ती दरों पर चारा उपलब्ध करवाया जाए। प्रदर्शन में धर्म सिंह, प्रवीण, रेखा, कांता, सुषमा, शीला, उत्तम चंद, बौबी, राजेंद्र वाला, सुनीता, सुषमा, सुरेश, नेहा , ब्रह्मदास, रतन, मदन, रजनीश अशोक, गायत्री देवी, उर्मिला, सुभाष सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
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