हमीरपुर। तकनीकी शिक्षा को आधुनिक स्वरूप देने के दावों के बीच राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर की लैब को स्मार्ट बनाने की योजना एक साल से अधर में है।
संस्थान में तीन प्रमुख ब्रांचों को आधुनिक सॉफ्टवेयर और उपकरणों से लैस करने के लिए भेजे गए प्रस्ताव अभी तक अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं।
संस्थान ने मोडरोबस योजना के तहत इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मेकेनिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ब्रांच के नवीनीकरण के लिए 30-30 लाख रुपये के तीन अलग-अलग प्रस्ताव एआईसीटीई को भेजे थे।
प्रस्तावों को मंजूरी मिलने पर संस्थान को कुल 90 लाख रुपये का बजट मिलेगा। स्वीकृति के बाद यह राशि दो किस्तों में जारी की जाएगी। इस बजट से संबंधित ब्रांचों के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर, व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए जरूरी उपकरण और लैब को अपग्रेड करने का सामान खरीदा जाना है।
संस्थान प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही एआईसीटीई से स्वीकृति मिलेगी, जिससे लैब के आधुनिकीकरण का कार्य आगे बढ़ सकेगा। संवाद