संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। फॉल आर्मी कीट से मक्की की फसल को बचाने के लिए कृषि विभाग की ओर से सर्वेक्षण कमेटी का गठन किया है। इसमें कीट विज्ञान विशेषज्ञों की सहायता से सर्वे कमेटी जिले भर में फसलों का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान सभी खंडों में किसानों के लिए कार्यशालाएं आयोजित होंगी। इसमें किसानों को फॉल आर्मी कीट से मक्की की फसल को बचाने के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वर्तमान समय में जिले भर में 1,000 से 12,00 हेक्टेयर भूमि में मक्की की फसल में फॉल आर्मी कीट लगा हुआ है, जिससे किसानों को काफी नुक्सान हो रहा है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को फॉल आर्मी कीट से बचाव के लिए दवाई प्रदान की जा रही है, ताकि मौजूदा सुरक्षित फसल को कीट से बचाया जा सके। इस दौरान कीट विज्ञान विशेषज्ञों की ओर से किसानों को फॉल आर्मी कीट से बचाव के लिए कीटनाशक का प्रयोग, फसल बोने से पहले रणनीति बनाने के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
इस संदर्भ में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. अतुल डोगरा का कहना है कि इस वर्ष फॉल आर्मी कीट से मक्की को काफी नुकसान पहुंच रहा है। अभी तक जिले भर में करीब सात से दस फीसदी फसल कीट की चपेट में आ गई है। इससे बचाव के लिए कृषि विभाग की ओर से खंड स्तर पर कीटनाशक औषधि उपलब्ध करवा दी है। इस औषधि का छिड़काव किसानों को मक्की की बिजाई के दस दिन बाद करना चाहिए। एक कनाल के लिए आठ से दस एमएल वहीं, दूसरी बार छिड़काव 18 से 25 दिन बाद करना चाहिए, जिससे फसल को कीड़े से बचाया जा सकेगा।