नादौन (हमीरपुर)। टीसीपी विभाग ने लोगों को टीसीपी नियमों की जानकारी देने के लिए भरमोटी में जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इसमें भरमोटी, जलाड़ी और बेला पंचायत के लोगों ने भाग लिया। बैठक में तीनों पंचायतों के लोगों ने उन्हें टीसीपी एक्ट से बाहर किए जाने की मांग की है। कहा कि यह टीसीपी ग्रामीण क्षेत्रों के हित में नहीं है। इसलिए हम इस नियम को लागू किए जाने का विरोध करते हैं। इन क्षेत्रों की अधिकतर भूमि कृषि योग्य है। ऐसे में लैंड ऑफ यूज की समस्या से भी लोगों को जूझना पड़ रहा है और विभाग की एनओसी लेने के लिए विभागीय कार्यालय के चक्कर काटने पर विवश होना पड़ रह है। मकान आदि निर्माण के मामले काफी अरसे से लटके हुए हैं। इसलिए इन ग्रामीण क्षेत्रों को टीसीपी से बाहर किया जाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भरमोटी के प्रधान प्रियतोष निशु जाट नेे की। इसमें बेला पंचायत के प्रधान किशोरी लाल, जलाड़ी की प्रधान वीना देवी, सचिव सुनील कुमार, राज कुमार, दिनेश कुमार, रीना सैणी, रेखा कुमारी, पंकज कुमार, राकेश कुमार, अशोक कुमार, चंचला देवी, मोनिका, अजीत कुमार, रमेश चंद, कमल कुमार, सुरजीत सिंह, रविंद्र कुमार, अनीता कुमारी सहित काफी लोग उपस्थित रहे। शिविर में विभाग के अधिकारियों जगदीश सिंह, कनिष्ठ अभियंता राजेश कुमार ने लोगों को टीसीपी एक्ट की जानकारी दी। बताया कि मकान, भवन आदि के निर्माण से पहले टीसीपी से मंजूरी नियमों के तहत कैसे मिलती है। बैठक में लोगों ने उनके क्षेत्र को टीसीपी में आने से उत्पन्न समस्याओं के बारे में बताया। जब से टीसीपी एक्ट लागू हुआ है तब से लोगों के मकान और भवन आदि बनाने के कार्य बंद हो कर रह गए हैं। लोगों ने टीसीपी से उत्पन्न समस्याओं बारे सेरा में आयोजित जनमंच में भी उठाया था। लोगों ने विभाग और प्रदेश सरकार से मांग की है कि उन्हें टीसीपी से बाहर किया जाए अन्यथा उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।