हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर के अंतर्गत लंबलू में सवा दो साल के बाद फिर से सब तहसील की घोषणा हो गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को दडूही स्थित प्रदेश तकनीकी विवि परिसर में आयोजित जनसभा में सदर विधायक की मांग पर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि उन्हें ज्ञात हुआ है कि उपतहसील की घोषणा वीरभद्र सरकार ने जाते-जाते की थी। लेकिन, वर्तमान सरकार अपने इसी कार्यकाल में इस उपतहसील को शुरू भी करेगी। 4 सितंबर 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया के अनुरोध पर लंबलू में उपतहसील की घोषणा की थी। लेकिन, दो साल के बाद भी यह शुरू नहीं हुई।
अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की घोषणा और आश्वासन के बाद लोगों में फिर से उम्मीद जगी है। लेकिन, उपतहसील को खोलने से पूर्व कैबिनेट की बैठक में इस घोषणा पर मुहर लगाने और नायब तहसीलदार, कानूनगो व पटवारी समेत अन्य स्टाफ के पद सृजित करने की आवश्यकता रहेगी। जिस पर न केवल हमीरपुर की जनता बल्कि विपक्ष की भी नजर रहेगी। जयराम ने कहा कि लंबलू में पेयजल योजना का भले ही पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सरकार ने शिलान्यास किया था, लेकिन बजट की कोई व्यवस्था नहीं की। वर्तमान सरकार ने इस पेयजल स्कीम के लिए बजट स्वीकृत किया है।
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मंत्री महेंद्र, सुरेश और बिक्रम ठाकुर रहे नदारद, धूमल भी नहीं आए नजर
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में तकनीकी विश्वविद्यालय के भवनों के शिलान्यास और लोकार्पण के साथ ही गसोता में आईपीएच विभाग की पेयजल स्कीम और सासन में निरीक्षण कुटीर का लोकार्पण किया। लेकिन इन दोनों विभागों के मंत्रियों ने इन कार्यक्रमों से दूरी बनाई रखी। तकनीकी शिक्षा विभाग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर के पास है, जबकि आईपीएच विभाग महेंद्र सिंह ठाकुर के पास है। इसी तरह शिक्षा विभाग के अधीन हमीरपुर कॉलेज में इंडोर स्टेडियम के लोकार्पण के मौके पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी कहीं नजर नहीं आए। तीनों मंत्रियों की हमीरपुर में हुए शिलान्यास और उद्घाटनों से अनुपस्थित रहना चर्चा बना रहा। बताया जा रहा है कि तीनों मंत्री अपने पहले से निर्धारित कार्यक्रमों के चलते हमीरपुर नहीं आए। वहीं, इंडोर खेल स्टेडियम, आईपीएच के निरीक्षण कुटीर और तकनीकी विवि भवन का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने किया था, लेकिन वह भी इन कार्यक्रमों में नजर नहीं आए।