हमीरपुर/धनेटा। जिले में बारिश का कहर लगातार जारी है। चबूतरा के बाद अब पंचायत ग्वालपत्थर के गांव करड़ी के करीब दस घरों पर पहाड़ी दरकने का खतरा मंडरा रहा है।
मंगलवार सुबह हुए धमाके के बाद घरों के इर्दगिर्द बड़ी दरारें आई हैं और रास्ते और जमीन कई फीट तक धंस गई है। इससे गांव से सटा पहाड़ दरकने का खतरा मंडारा गया है। ऐसे में लोग डर के साय में जीने को मजबूर हैं।
गांव के गंदर्भ सिंह, राजेंद्र सिंह, यशपाल सिंह, जगदेव सिंह, प्रकाश चंद, निर्मला देवी, शीला देवी, सुनीता देवी, नीलम देवी, ममता देवी, कमलेश कुमार, लीला देवी, मनजीत कुमार, मीणा देवी, राकेश कुमार, सुनीता देवी, अमरो देवी, आशीष, लेख राज आदि ने बताया कि सुबह करीब 5:00 बजे जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो पाया कि जमीन दरकने से मकानों में दरारें पड़ गई हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है।
वहीं, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार वेद प्रकाश ठाकुर, कानूनगो सुरेश चंद और हलका पटवारी विकास पटियाल गांव करड़ी पहुंचे और मौके का जायजा लिया। मुख्य रास्ता कई फीट धंस गया है और कई फीट चौड़ी दरारें भी पड़ गई हैं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) में मंगलवार दोपहर तक प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार जिलेभर में 24 घंटों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को 7.20 करोड़ रुपये से अधिक क्षति पहुंची है। इस दौरान 4 कच्चे मकान और 24 गौशालाएं ध्वस्त हो गई हैं। 18 अन्य कच्चे और एक पक्का मकान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके साथ ही इस मानसून सीजन के दौरान जिले में नुकसान का कुल आंकड़ा 191 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
84 पेयजल योजनाएं ठप, 31 हजार परिवार प्रभावित
जिले में मंगलवार को 84 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। इससे 31 हजार के करीब परिवारों को पेयजल सप्लाई नहीं मिल सकी। यह योजनाएं बीते दो दिन से ठप हैं। ऐसे में लगातार बारिश होती है, तो जल संकट गहरा सकता है। जल शक्ति विभाग को सर्वाधिक 93.64 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग को 88.13 करोड़, बिजली बोर्ड को 1.67 करोड़ और शिक्षा विभाग को 1.83 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य विभाग डेढ़ लाख और मत्स्य पालन विभाग को 55 हजार रुपये की क्षति हुई है। बागवानी विभाग ने विभिन्न फसलों को हुए 18.06 लाख रुपये और कृषि विभाग ने 1.15 लाख रुपये के नुकसान की रिपोर्ट प्रेषित की है।
अब तक इतने मकान ढहे
अब तक 46 कच्चे मकान और 4 पक्के मकान ध्वस्त होने से लगभग 1.48 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। 263 अन्य कच्चे मकानों और 18 पक्के मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है, जिससे 1.61 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। 35 अन्य भवनों को भी लगभग 13 लाख रुपये की क्षति पहुंची है। जिलेभर में 124 डंगे गिरे हैं, जिनमें लगभग 1.10 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। 337 गोशालाओं के ध्वस्त होने से लगभग 1.55 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।