मैहरे (हमीरपुर)। सीमेंट और सरिये के दामों में वृद्धि के बाद अब पीतल और तांबे की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। जिले में पीतल और तांबे के दामों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
तांबे की कीमत बढ़ने से सेनेटरी फिटिंग के दाम भी बढ़ गए हैं। वहीं, प्लाई बोर्ड के भाव में उछाल के कारण फर्नीचर भी महंगा हो गया है। प्लास्टिक की कीमत बढ़ने से पाइप के दामों में भी 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इसके अलावा पंप और अन्य उपकरणों की कीमतों में भी 500 से 700 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बढ़ती कीमतों के चलते लोग अब निर्माण सामग्री खरीदने से पहले अपने बजट पर विचार करने को मजबूर हैं। फैंसी आइटम्स में दाम और अधिक बढ़ने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। पहले जो निर्माण 50 से 70 हजार रुपये में पूरा हो जाता था, उसकी लागत अब बढ़कर 80 हजार से एक लाख रुपये तक पहुंच गई है।
तांबे की कीमतों में बढ़ोतरी का असर कॉपर वाइंडिंग वाले उपकरणों पर भी पड़ा है, जिससे उनकी कीमतों में भी वृद्धि देखने को मिल रही है।
तांबा और पीतल के दाम बढ़ने से धातुओं से बनी वस्तुओं के मूल्यों में बढ़ोतरी हुई है। सेनेटरी फिटिंग और अन्य उपकरणों में भी दाम बढ़े हैं। धातुओं के दाम में 30 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
-रवि शर्मा, दुकानदार, मैहरे
मैं पंप लेने के लिए दुकान पर आया था। इसके दामों में 500 रुपये तक की वृद्धि हो गई है। इसके अलावा अन्य धातुओं की वस्तुओं के दाम में भी तेजी आई है। अचानक दाम बढ़ने से बजट पर असर पड़ रहा है।
-राकेश कुमार, ग्राहक, मैहरे
प्लास्टिक के अलावा प्लाई बोर्ड के दामों में वृद्धि हुई है। दिन-प्रतिदिन महंगाई बढ़ती जा रही है। इसके अलावा सेनेटरी फिटिंग के दाम भी बढ़े हैं। भवन निर्माण करना मुश्किल हो गया है।
-रवि कुमार, ग्राहक, मैहरे
मैहरे बाजार में पंप की खरीदारी करते हुए लोग। संवाद
मैहरे बाजार में पंप की खरीदारी करते हुए लोग। संवाद
मैहरे बाजार में पंप की खरीदारी करते हुए लोग। संवाद