हमीरपुर। सूखा कचरा अक्सर परेशानी का कारण बनता है, लेकिन टौणी देवी स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र आदित्य चौहान ने इसी कचरे से बिजली और उपयोगी सामग्री तैयार करने वाला मॉडल बनाया है।
‘ड्राई वेस्ट टू एनर्जी’ थीम पर आधारित यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के साथ कचरा निस्तारण का विकल्प भी प्रस्तुत करता है।
मॉडल में सूखे कचरे को बंद कंटेनर में जलाया जाता है और इससे निकलने वाले धुएं को पाइप के माध्यम से आगे भेजा जाता है। यहां धुआं चूने के पानी और सक्रिय कार्बन से होकर गुजरता है। इसके बाद धुएं से मिलने वाली गर्मी को थर्मोइलेक्ट्रिक पैनल की मदद से बिजली में बदलने की तकनीक सुझाई गई है।
तैयार बिजली का इस्तेमाल स्ट्रीट लाइट और घरों में किया जा सकता है। कचरा जलने के बाद बचने वाली राख से पर्यावरण के अनुकूल चॉक तैयार करने का सुझाव दिया गया है।
वहीं, धुएं को साफ करने में इस्तेमाल चूने के पानी का उपयोग मिट्टी का पीएच स्तर सामान्य करने में किया जा सकता है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
आदित्य ने बताया कि शहरों में कचरे के निपटान के लिए मशीनरी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सूखा कचरा अक्सर परेशानी का कारण बनता है। इसी समस्या के समाधान के उद्देश्य से यह मॉडल तैयार किया गया है।