होर्मुज जलडमरू मध्य में शिपिंग कंपनी के जहाज पर हुए हमले में जान गंवाने वाले ग्राम पंचायत हड़ेटा के भालू गांव निवासी मर्चेंट नेवी अधिकारी आदित्य शर्मा पंचतत्व में विलीन हो गए। गुरुवार दोपहर गांव के मोक्ष धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। हादसे के आठ दिन के लंबे इंतजार के बाद जब वीरवार दोपहर करीब पौने एक बजे आदित्य का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। घर के आँगन में बेटे का शव पहुंचते ही मां सुषमा शर्मा और पिता राजेश शर्मा बिलख पड़े।
मां बार-बार बेटे के पार्थिव शरीर से लिपटकर रोती रहीं, परिजनों और रिश्तेदारों ने उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास किया। अंतिम विदाई के समय मां ने अपने लाडले को दूल्हे की तरह सेहरा पहनाकर विदा किया। जैसे ही आँगन से अर्थी उठी, फूट-फूट कर रोते पिता राजेश ने काँपते हाथों से बेटे को बाय-बाय आदी... कहकर अंतिम विदाई दी।
मोक्षधाम में चचेरे भाई पार्थ लखनपाल ने आदित्य को मुखाग्नि दी। इस दौरान पिता राजेश शर्मा ने कहा कि अब उनका बेटा अंतिम यात्रा पर जा चुका है और उनके पास कहने के लिए शब्द नहीं बचे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से जी-7 शिखर सम्मेलन में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अब मेरा बेटा तो वापस आ नहीं सकता लेकिन भविष्य में कभी किसी के साथ ऐसा न हो यही कामना है।