हमीरपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी की अदालत ने शिकार के दौरान गोली लगने से हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
यह मामला वर्ष 2017 का है, जिसमें पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 31 जनवरी 2017 को हमीरपुर के पटेरा जंगल में शिकारियों का एक दल गया था।
इस दल में अवतार सिंह उर्फ गगन और आरोपी भी शामिल थे। शाम करीब 5:45 बजे जंगल में गोलियों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद अवतार सिंह लहूलुहान हालत में जमीन पर गिरा मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल पर मौजूद गवाहों ने बताया कि उन्होंने केवल गोलियों की आवाज सुनी थी, किसी को भी गोली चलाते हुए अपनी आंखों से नहीं देखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृतक को दो अलग-अलग दिशाओं से गोलियां लगी थीं। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि एक ही व्यक्ति ने अलग-अलग दिशाओं से गोलियां कैसे चलाईं।
मामले की संवेदनशीलता और सबूतों के अभाव को देखते हुए अदालत ने आरोपी को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया है।