हमीरपुर। शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के तहत कोहली बाईपास निर्माण में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। मसयाणा में एक परिवार के मकान की सुरक्षा के लिए लगाया जा रहा डंगा वीरवार सुबह बिना बारिश के ही अचानक ढह गया, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
डंगे के गिरने से मकान की नींव तक हिल गई। अब परिवार में बरसात से पहले ही मकान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हादसे में निर्माण कंपनी को भी लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, क्योंकि सैकड़ों सीमेंट बैग और अन्य सामग्री मलबे में तब्दील हो गई।
मामला मसयाणा चौक का है, जहां व्हीकल ओवर पास (वीओपी) निर्माण के लिए करीब 20 मीटर गहरी कटिंग की गई थी। इससे लोक निर्माण विभाग की पुरानी सड़क के किनारे स्थित एक मकान को खतरा पैदा हो गया था। सुरक्षा के लिए निर्माण कंपनी को डंगा लगाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्रभावित परिवार का आरोप है कि कंपनी ने तकनीकी मानकों की अनदेखी करते हुए छह मीटर ऊपर मिट्टी के ढेर पर ही नींव बनाकर कार्य शुरू कर दिया।
पीड़ित परिवार में पुष्पा पटियाल और उनके बेटे सिद्धार्थ पटियाल ने बताया कि उन्होंने शुरू से ही 20 मीटर नीचे से मजबूत नींव डालने की मांग की थी, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। दो मई से शुरू हुआ निर्माण वीरवार सुबह अचानक गिर गया, जिससे मकान और अधिक असुरक्षित हो गया है।
परिवार का कहना है कि पहले ही अवैज्ञानिक कटिंग के कारण मकान खतरे में था, अब सुरक्षा कार्य में हुई लापरवाही ने स्थिति और गंभीर कर दी है। यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात में बड़ा नुकसान हो सकता है।
कोट
मामला संज्ञान में आया है। नियमों के तहत कंपनी को संबंधित मकान को पूरी सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
-राकेश यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
बिना बारिश के गिर गया मसयाणा में लगाया जा रहा डंगा। संवाद।