ताल (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत साहन्वीं के तहत आने वाले ताल क्षेत्र के तालाब में ऑक्सीजन की कमी के कारण सैकड़ों मछलियों की मौत हो गई हैं। लगभग पौने दो क्विंटल मरी हुई मछलियों को ताल से निकाला गया है।
तालाब का पानी काफी समय से गंदा था। उसमें ताजे पानी की आवक तथा निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। इसी कारण पानी में ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया। इसके चलते काफी संख्या में मछलियां मरी हैं। सूचना मिलने पर मत्स्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मृत मछलियों को तालाब से कुछ दूरी पर दबा दिया गया, ताकि आसपास दुर्गंध और संक्रमण न फैले।
जानकारी के मुताबिक बीते साल भी इस तालाब में काफी संख्या में मछलियां मर गई थीं। अब पुन: इस तालाब में मछलियां मृत मिली हैं। दो-तीन दिन से मछलियां मर रही हैं। शनिवार को टीम ने स्थिति का जायजा लिया और तालाब के पानी तथा प्रबंधन से संबंधित जानकारी जुटाई।
लोगों ने प्रशासन और मत्स्य विभाग से तालाब की सफाई, नियमित निगरानी तथा पानी के उचित प्रबंधन की व्यवस्था करने की मांग की है। लगभग हर साल यहां पर मछलियों की ऑक्सीजन की कमी से मौत होती है। यहां पर श्रद्धा की दृष्टि से लोग मछलियों को आटा भी डालते हैं। कई बार अधिक मात्रा में ताल में डाला गया आटा और अन्य सामग्री भी ऑक्सीजन की मात्रा को प्रभावित करती है।
एक व्यक्ति को दिया रख-रखाब का जिम्मा
स्थानीय पंचायत ने तालाब के रख-रखाव के लिए एक व्यक्ति को पांच साल की लीज पर काम दिया है। नंवबर 2025 से यह कार्य सौंपा है। इसकी जानकारी मत्स्य विभाग को भी दी है। बताया जा रहा है कि लोगों के घरों का सीवरेज का पानी भी इसी तालाब में पहुंचता है। इस कारण यहां गंदगी रहती है। यदि समय पर पानी की सही निकासी और ताजे पानी की व्यवस्था की जाती तो मछलियों की इतनी बड़ी संख्या में मौत नहीं होती।
कोट
ताल क्षेत्र के तालाब से करीब पौने दो क्विंटल मृत मछलियां निकाली गई हैं। इनको कुछ दूरी पर सरकारी जमीन में दबाया गया है। ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियों की मौत हुई।
-अजय कुलदीप, वरिष्ठ मत्स्य पालन अधिकारी, हमीरपुर
ताल के तालाब में चूना डालने के साथ साफ-सफाई कार्य कर जारी। स्रोत : विभाग
ताल के तालाब में चूना डालने के साथ साफ-सफाई कार्य कर जारी। स्रोत : विभाग- फोटो : 1