विशेष पोक्सो अदालत हमीरपुर ने नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी दादा को दोषी करार देते हुए 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर अलग-अलग धाराओं में जुर्माना भी लगाया है और पीड़िता के पुनर्वास के लिए 10.30 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
विशेष न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी की अदालत ने यह फैसला 23 जनवरी 2026 को सुनाया। मामला जिले के एक पुलिस थाना में वर्ष 2022 को दर्ज हुआ। बाद में महिला पुलिस थाना हमीरपुर में मामला स्थानातंरित हुआ और गहन जांच के बाद अदालत में चालान पेश हुआ। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने विश्वास के रिश्ते को तार-तार करते हुए लंबे समय तक नाबालिग बच्ची के साथ यौन अपराध किया। पीड़िता विशेष रूप से दिव्यांग (बधिर एवं मूक) होने के कारण अपराध की गंभीरता और भी बढ़ जाती है। कोर्ट ने इसे अत्यंत जघन्य अपराध करार दिया है।