हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में कैथ लैब शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है। दस करोड़ रुपये से कैथ लैब का निर्माण किया जाएगा। यह बजट मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को मिल गया है।
एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड की ओर से कैथ लैब निर्माण की डीपीआर बनाई जाएगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने केंद्रीय सरकार की नियंत्रण वाली इस कंपनी को पत्राचार किया है। अब लोगों को हृदय से जुड़ी समस्या के लिए जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। लैब में दिल के मरीजों की एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी की सुविधा मिलेगी।
अब लोगों को हार्टअटैक आने और हार्ट से जुड़ी अन्य परेशानियों का समय पर इलाज मिल पाएगा। लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए निजी अस्पतालों में रुख करने से राहत मिलेगी। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज स्थित जोलसप्पड़ में वर्तमान के मेडिकल कॉलेज से कुछ विभाग शिफ्ट होंगे। इन विभागों के शिफ्ट होने से जो जगह खाली होगी, वहां पर कैथ लैब की सुविधा दी जाएगी।
वहीं, आवश्यकता अनुसार बिस्तरों की व्यवस्था की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से बजट उपलब्ध करवाया गया है। जिले में सरकारी अस्पताल में कैथ लैब नहीं है। इस कारण मरीजों को जिला के निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। कुछ मरीज चंडीगढ़ सहित अन्य शहरों का रुख करते हैं। यहां पर उन्हें अधिक धन राशि खर्च करना पड़ती है। दिल से जुड़ी समस्याओं में समय पर इलाज न मिलने के कारण कई लोगों की मौत भी हो जाती है।
उधर, मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में कैथ लैब बनाई जाएगी। एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड को डीपीआर बनाने का कार्य दिया गया। संवाद