हमीरपुर। हमीरपुर शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहे हैं। पूरे भारत वर्ष में स्वच्छता अभियान चला हुआ है, लेकिन नगर परिषद की स्वच्छता अभियान की मुहिम ठंडे बस्ते में पड़ती नजर आ रही है।
एनएच-88 किनारे लगा गंदगी का ढेर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर प्रशभन खड़े कर रहा है। एनएच मार्ग पर सुबह से लेकर शाम तक सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। सड़क किनारे गंदगी के ढेर लगे हैं। न तो सफाई कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं और न ही शहर के नागरिक गंदगी उठाने में विशेष रुचि दिखा रहे हैं। यही नहीं बाल स्कूल मैदान के गेट के साथ रखे कूड़ेदान के बाहर भी गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। शहर के कुछेक दुकानदार दुकानों की साफ सफाई के बाद गंदगी कूड़ेदान में न डालकर बाहर ही फेंक रहे हैं। नगर परिषद को सफाई अभियान को सफल बनाने के लिए कड़े नियम बनाने की जरूरत है।
उधर, नगर परिषद अध्यक्ष दीप बजाज का कहना है कि शहर में सफाई व्यवस्था के लिए सफाई कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अगर फिर भी शहर में गंदगी के ढेर मिलते हैं, तो उनसे जवाब-तलब किया जाएगा।
क्या है लोगों की राय
अनिल वर्मा का कहना है कि नगर परिषद को जगह-जगह कूड़ेदानों की व्यवस्था करनी चाहिए। तभी स्वच्छता अभियान की मुहिम सफल हो सकती है।
राहुल चौधरी का कहना है कि स्वच्छता अभियान की मुहिम हमीरपुर शहर में ढीली पड़ती नजर आ रही है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिन्हें उठाने वाला कोई नहीं है।
विनीत शर्मा ने बताया कि एक दिन सफाई करने से शहर साफ नहीं हो सकते। लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। यहां-वहां कूड़े फेंकने से परहेज करना चाहिए।
अरविंद शर्मा का कहना है कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए नगर परिषद को कड़े निर्णय लेने होंगे। ताकि गंदगी डालने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।