ताल (हमीरपुर)। जिले में सक्रब टायफस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। लंबलू के डबरेड़ा गांव में 14 वर्षीय छात्रा की स्क्रब टायफस के कारण मौत हो गई है। जिले में एक माह के अंतराल में सक्रब टायफस से मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले बड़सर क्षेत्र में एक छात्रा की इस बीमारी से मौत हो गई थी।
लंबलू के डबरेड़ा गांव की 14 वर्षीय छात्रा करीब 15 दिन पहले बीमार हुई। उसको उल्टी, और हल्का बुखार था। कुछ दिन तक लंबलू में दवाई लेने के बाद भी जब छात्रा की तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो उसे क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में लाया गया। एक दिन भर्ती रहने के बाद चिकित्सकों ने उसको टांडा रेफर कर दिया। शुक्रवार को छात्रा ने टांडा में दम तोड़ दिया। लड़की के पिता ओम प्रकाश ने बताया कि टांडा अस्पताल में इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि छात्रा को सक्रब टायफस हो गया था, जिस कारण उसकी मौत हुई है।
क्या है सक्रब टायफस के लक्षण
सक्रब टायफस चूहों में पड़ने वाले पिस्सू के काटने और झाड़ियों में रहने वाले चिगर के काटने के कारण होता है। काटने के बाद शरीर पर (काला निशान) एस्कार पड़ जाता है। तेज बुखार व सिर दर्द शुरू हो जाता है। सारा शरीर टूटने लगता है। इसे जोड़तोड़ बुखार भी कहते हैं।
क्या बरतें सावधानी
लोग खानपान का ध्यान रखें। वासी और बाजार का खाना न खाएं। बाजार में खुले में बिक रहे पकवानों और फास्ट फूड से बचें। खेतों में काम करते समय लंबी बाजू के कपड़े पहनें। बुखार होने पर कोई भी कोताही न बरतें। हल्का सा बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।
सक्रब टायफस की हो रही जांच
एसएमओ डा. रमेश चौहान का कहना है कि आजकल बुखार से ग्रसित मरीजों की रोजाना 200-300 ओपीडी हो गई है। कुछ दिन पहलेे सक्रब टायफस के संभावित दो मामले आए थे। तेज बुखार होने पर जरा सी भी संभावना होने पर मरीज की सक्रब टायफस की जांच करवाई जा रही है।
दो घंटे में मिल जाएगी सक्रब टायफस की जांच रिपोर्ट
उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. संजय जगोता का कहना है कि सक्रब टायफस जांच के लिए अस्पताल में एलिजा कार्ड टेस्ट की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। सक्रब टायफस जांच रिपोर्ट दो घंटे में मिल जाएगी। बुखार से ग्रसित हर मरीज का इलाज सक्रब टायफस मरीज की तरह किया जा रहा है।